Breaking : उत्‍तर प्रदेश विधानसभा उपाध्‍यक्ष चुने गए नितिन अग्रवाल, पक्ष में पड़े 304 वोट

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश विधानसभा उपाध्‍यक्ष के लिए हुए चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। यूपी विधानसभा उपाध्‍यक्ष के पद पर सपा विधायक नितिन अग्रवाल ने जीत हासिल की है। उन्‍हें कुल 304 वोट मिले।

उत्‍तर प्रदेश विधानसभा उपाध्‍यक्ष

बता दें कि समाजवादी पार्टी के विधायक नितिन अग्रवाल को बीजेपी ने अपना प्रत्‍याशी बनाया था। यूपी विधानसभा उपाध्‍यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में नितिन अग्रवाल के पक्ष में 304 वोट पड़े। वहीं सजाजवादी पार्टी के प्रत्‍याशी नरेंद्र वर्मा के पक्ष में महज 60 वोट ही पड़े।

जानकारी के मुताबिक, चुनाव में कुल 368 वोट पड़े। इनमें से 4 मतों को अवैध घोषित कर दिया गया। बता दें कि कांग्रेस पार्टी और महान दल ने उत्‍तर प्रदेश विधानसभा उपाध्‍यक्ष पद के लिए हुए चुनाव का बहिष्‍कार किया था।

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उपाध्यक्ष पद के लिए मुकाबला बीजेपी समर्थित समाजवादी पार्टी के विधायक नितिन अग्रवाल और समाजवादी पार्टी के विधायक नरेन्द्र सिंह वर्मा के बीच रहा। दोनों उम्मीदवारों ने रविवार को नामांकन किया था। आज सोमवार को विधान सभा के विशेष सत्र में मतदान हुआ, जिसमें भाजपा समर्थित नितिन अग्रवाल उपाध्यक्ष पद का चुनाव जीत गये।

बता दें कि विधान भवन परिसर में उपाध्यक्ष पद के लिये मतदान की प्रक्रिया सुबह 11:30 बजे शुरू होकर शाम तीन बजे तक चली। इस दौरान क्रास वोटिंग जमकर होने के आसार दिखे। इस चुनाव का कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बहिष्कार किया, हालांकि समझा जाता है कि कांग्रेस की अदिति सिंह और राकेश सिंह ने नितिन अग्रवाल के पक्ष में मतदान किया। इसके अलावा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के चार विधायकों ने भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार को वोट दिया।

उधर बसपा के बागी विधायक असलम राईनी ने अपने अन्य सात बागी साथियों के साथ सपा के नरेन्द्र वर्मा के पक्ष में वोट डाला।

वहीं इससे पहले लखीमपुर खीरी हिंसा और महंगाई समेत तमाम मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में विरोध प्रदर्शन किया जबकि कांग्रेस ने केन्द्रीय राज्य मंत्री की बर्खास्तगी की मांग को लेकर सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।

विधानसभा परिसर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और पार्टी विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना समेत अन्य सदस्य धरने पर बैठ गये। उनके हाथों में तख्तियां थी कि केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री की बर्खास्तगी तक लड़ाई जारी रहेगी, किसानो को न्याय कब मिलेगा और केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री की बर्खास्तगी कब तक होगी।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि उनकी पार्टी के सदस्यों ने सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के बजाय लखीमपुर के किसानो को न्याय दिलाने के लिये धरने पर बैठना उचित समझा है। सरकार किसानों की उपेक्षा कर रही है। केन्द्रीय मंत्री का पुत्र जेल में है तो ऐसे में उनका पद पर बने रहना कितना न्याय संगत है। अजय मिश्रा के पद पर रहते हुए किसानों को न्याय मिलना असंभव है।

उन्होंने कहा कि सदन और सड़क में भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच नूरा कुश्ती का खेल चल रहा है मगर उनकी पार्टी महंगाई से कराहती जनता, किसानो की बदहाली और बेरोजगारी का दंश झेल रहे युवा वर्ग की लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेगी।

उधर विधानसभा विशेष सत्र से पहले समाजवादी पार्टी विधायकों ने विधानसभा के सामने विरोध में काले ग़ुब्बारे उड़ाये। महंगाई के विरोध स्वरूप सपा विधायकों ने हाथ में गैस सिलेंडर का पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विधानसभा गेट के बाहर मौजूद पुलिस कर्मियों ने विधायकों को हटाया।

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद सदन ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर उन्हे भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की।

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