यूपी के 37 जनपदों में एक भी कोरोना एक्टिव केस नहीं

लखनऊ। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जारी सतत प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। आज 37 जनपदों में एक भी एक्टिव केस नहीं है, जबकि 18 जिलों में एक-एक एक्टिव केस शेष हैं। विगत 24 घंटे में हुई 01 लाख 88 हजार 931 सैम्पल की टेस्टिंग में 69 जिलों में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया। कुल 09 नए संक्रमित मरीज पाए गए, जबकि 13 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। वर्तमान में प्रदेश में एक्टिव कोविड केस की संख्या 149 रह गई है, जबकि 16 लाख 86 हजार 857 प्रदेशवासी कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं। बेहतर स्थिति बनाये रखने के लिए दूसरे प्रदेशों से आ रहे लोगों की समुचित जांच की जाए।

प्रदेश में अब तक 11 करोड़ 17 लाख से अधिक कोविड वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं। 8 करोड़ 90 लाख लोगों ने टीके की पहली डोज प्राप्त कर ली है। यह टीकाकरण के लिए पात्र प्रदेश की कुल आबादी के 60 फीसदी से ज्यादा है। 02 करोड़ 26 लाख से अधिक लोगों ने टीके की दोनों डोज प्राप्त कर ली है। 15 फीसदी से अधिक लोग पूरी तरह टीकाकवर प्राप्त कर चुके हैं। दूसरे डोज के लिए पात्र लोगों को समय से टीकाकवर दिया जाए। वैक्सीन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए भारत सरकार से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखें।

जनपद अमेठी, अमरोहा, बागपत, बलिया, बलरामपुर, बस्ती, भदोही, देवरिया, एटा, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, हाथरस, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कासगंज, कौशाम्बी, कुशीनगर, लखीमपुर-खीरी, ललितपुर, महराजगंज, महोबा, मथुरा, मऊ, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, रायबरेली, रामपुर, संतकबीरनगर, श्रावस्ती, सीतापुर, उन्नाव, सुल्तानपुर और वाराणसी में कोविड का एक भी मरीज शेष नहीं है। यह जनपद आज कोविड संक्रमण से मुक्त हैं।

मेडिकल आवश्यकताओं के दृष्टिगत ऑक्सीजन उत्पादन में उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर होने की ओर अग्रसर है। कोरोना काल की चुनौतियों के बीच केंद्र व राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से निर्माणाधीन 548 में से 490 ऑक्सीजन प्लान्ट अब तक क्रियाशील हो चुके हैं। इसमें पीएम केयर के माध्यम से विकसित 124 प्लान्ट भी शामिल हैं।

डेंगू, डायरिया, कॉलरा सहित विभिन्न वायरल बीमारियों से बचाव के लिए व्यापक स्वच्छता, सैनिटाइज़ेशन और फॉगिंग का कार्य सतत जारी रखें। अस्वस्थ लोगों के उपचार के लिए सभी अस्पतालों में प्रबंध किए गए हैं। सर्विलांस को बेहतर करते हुए हर एक मरीज के स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जाए।

कोरोना काल में आशा बहनों ने ग्राउंड जीरो पर बहुत सराहनीय प्रेरणास्पद कार्य किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों की तरह ही आशा बहनों को भी स्मार्टफोन से लैस किया जाना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्मार्टफोन क्रय करने की प्रक्रिया पूरी करते हुए फोन वितरण के भव्य समारोह आयोजन की तैयारी की जाए।

त्योहारों का समय प्रारंभ हो रहा है। ऐसे में माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पर्यावरण प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए।

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