अबकी बनेंगे गाय के गोबर से गणेश-लक्ष्मी व दीपक, महिलाओं ने बढ़ाये कदम

जनपद के तहसील बिधूना की ग्राम पंचायत औतों में आगनवाड़ी कार्यकत्री सुमन चतुर्वेदी ने नई पहल आरम्भ की है, जिसके चलते गाय के गोबर के दीये और गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति बनाकर वोकल से लोकल की ओर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरुआत की गई है।दीपोत्सव के त्यौहार एवं गांव की रक्षा को लेकर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पिछले वर्ष से यह कार्य आरम्भ किया था, जो जारी है।

गणेश-लक्ष्मी

इन महिलाओं ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने का बीड़ा उठाया है। जिसके चलते गाय के शुद्ध गोबर से दीयेए बनाने शुरू किये हैं। आंगनवाड़ी कार्यकत्री सुमन चतुर्वेदी ने लोगों से अपील की है कि वह चाइना की चीजों का बहिष्कार कर देसी चीजों को अपनाये।

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मिशन शक्ति के अन्तर्गत महिलाएं आत्मनिर्भर होकर सुमन चतुर्वेदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है। वही समूह की महिलाओं में अलका, नेहा, नीतू, माधुरी, शशि, सुनीता, सुमन ने दिये बनाना शुरू किये है। उन्होंने बताया कि मूर्ति में पंचगव्या और बीजों का प्रयोग किया गया है ताकि जहां भी मूर्ति विसर्जित होगी वहां नया पौधे का सृजन हो सके। महिलाओं के साथ साथ बालिकाए वंशिका, भूमि, शैलजा, ईशु, मणि ने भी गोवर के दिए में कलर करती है। उन्होंने कहा कि गोबर से दीपक बनाने की विधि बहुत सरल और आसान भी है। महिला समूह की महिलाओं ने मिलकर अपने गांव समेत आसपास के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा के साथ इस नई मुहिम को चला रही है।

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