अब इन राज्यों की बिजली होगी प्राइवेट, मोदी कैबिनेट ने लिया फ़ैसला

नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र शासित प्रदेश दादरा-नगर हवेली तथा दमन-दीव में बिजली वितरण कारोबार के निजीकरण की योजना को बुधवार को मंजूरी दी। इसके तहत एक एकल विशेष प्रयोजन कंपनी का गठन किया जाएगा और प्रतिस्पर्धी बोली में उसकी हिस्सेदारी बेची जाएगी।

  नयी कंपनी में स्थानांतरित किए जाने वाले कर्मचारियों की देनदारियों को पूरा करने के लिए अलग से एक न्यास का गठन किया जाएगा।

  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार इस योजना के तहत एक एकल वितरण कंपनी-डीएनएच-डीडी पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड को पूर्ण स्वामित्व वाली सरकारी कंपनी के रूप में निगमित किया जाएगा। दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव विद्युत (पुनर्गठन एवं सुधार) स्थानान्तरण  योजना, 2020 के अनुसार नवगठित कम्पनी में सम्पत्तियों, दायित्वों,  कार्मिकों आदि का स्थानान्तरण किया जायेगा। 

इस कंपनी की हिस्सेदारी बाद में प्रतिस्पर्धी बोली के आधार पर बेची जाएगी।नवगठित कंपनी में स्थानांतरित कर्मियों के सेवा-लाभों के प्रबंधन के लिए न्यास (न्यासों) का गठन किया जाएगा।दादरा-नगर हवेली तथा दमन-दीव में बिजली वितरण के निजीकरण से वहां के 1.45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। सरकार का दावा है कि इससे वहां बिजली वितरण में के काम में सुधार और कार्य-कुशलता आएगी और यह काम देश भर में अन्य सेवा प्रदाता कंपनियों के लिए एक अनुकरणीय आदर्श उदाहरण  प्रस्तुत करेगा।

  सरकार का यह भी कहना है कि इससे  दादरा-नगर हवेली तथा दमन-दीव में बिजली वितरण के काम में प्रतिस्पर्धा होगी

गौरतलब है कि मई 2020 में सरकार ने संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ की घोषणा की थी। सुधार के प्रमुख उपायों में एक थी-बिजली वितरण सेवा प्रदाता कंपनियों के निजीकरण के माध्यम से केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण और खुदरा आपूर्ति में सुधार करना, ताकि बिजली वितरण में निजी क्षेत्र की दक्षता का लाभ उठाया जा सके।

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