50 फीसदी छात्र ही जा सकते कॉलेज, हॉस्टल सुविधा भी सबको नहीं : यूजीसी

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को खोलने के निर्देश जारी किए हैं। हालांकि इसके साथ ही यह भी कहा है कि विश्वविद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कुल छात्रों की 50 प्रतिशत से अधिक की उपस्थिति किसी भी समय नहीं होनी चाहिए।

यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सुरक्षा और स्वास्थ्य नियमों का सख्ती से पालन करते हुए केवल सीमित संख्या में हॉस्टल खोले जा सकते हैं। यही नहीं, हॉस्टल के कमरों में एक से ज्यादा छात्र के रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोविड-19 के लक्षण वाले छात्रों को किसी भी परिस्थिति में छात्रावास में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने यूजीसी के दिशा-निर्देश की जानकारी देते हुए कहा, “अगर छात्र चाहें तो कक्षाओं में भाग न लेकर घर पर ही रहकर ऑनलाइन अध्ययन कर सकते हैं। संस्थान ऐसे छात्रों के पठन-पाठन के लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और ई-संसाधनों को सुलभ बनाने का प्रयास करेंगी।”

विज्ञान प्रौद्योगिकी और रिसर्च को छोड़कर अन्य सभी कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन क्लास जारी रहेंगे। ऑनलाइन और डिस्टेंस एजुकेशन पहले की तरह पसंदीदा तरीका बना रहेगा और इसे और बढ़ावा दिया जाएगा।

करीब 7 महीने के लॉकडाउन के बाद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को फिर से खोलने के लिए यूजीसी ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। यूजीसी ने लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए पहले भी दो बार गाइडलाइंस जारी किए थे। यूजीसी ने पहली बार 29 अप्रैल 2020 को और दूसरी बार 6 जुलाई 2020 को दिशानिर्देश जारी किए थे। इन दिशानिर्देशों में ऑनलाइन शिक्षा, परीक्षाओं का संचालन, प्रवेश प्रक्रिया, शैक्षणिक कैलेंडर जैसे कई मह्त्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया था।

मौजूदा दिशानिर्देशों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, गृह मंत्रालय द्वारा भी अप्रूव किया गया है। सरकारी निर्देशों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार, इन दिशा-निर्देशों को शैक्षणिक संस्थानों द्वारा अपनाया जा सकता है।

शैक्षणिक संस्थानों को खोलने के लिए फूंक-फूंक कर कदम रखा जा रहा है। कोविड-19 के प्रसार को देखते हुए कंटेनमेंट जोन के बाहर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को खोलने के लिए राज्य और केंद्र शासित सरकारों से भी परामर्श लिया गया है। राज्य, केंद्र शासित प्रदेश के सरकारों के साथ परामर्श के बाद क्रमबद्ध तरीके से देशभर में शैक्षणिक संस्थानों को खोला जा सकता है।

शैक्षणिक संस्थानों को खोलने के लिए यूजीसी के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए यूजीसी ने एक मानक प्रकिया (एसओपी) तैयार कर लिया है, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा। यूजीसी ने सारे कायदे-कानून को लचीला बनाया है, ताकि शैक्षणिक कार्यो के संचालन में कोई बाधा न उत्पन्न हो।

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