बलिया की घटना पर बिफरा विपक्ष, कठघरे में योगी सरकार

लखनऊ। बलिया में अधिकारियों की मौजूदगी में खुली बैठक के दौरान हत्या मामले को लेकर विपक्ष ने योगी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस और सपा ने इसे सूबे की कानून-व्यवस्था का सच बताया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को बलिया की घटना को चिन्ताजनक बताते हुए कहा कि सूबे की कानून-व्यवस्था दम तोड़ चुकी है।

यूपीसीसी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बलिया की घटना को लोकतंत्र के लिए घातक बताते हुए कहा कि सूबे की कानून-व्यवस्था का यही सच है। सत्तारूढ़ पार्टी के नेता व कार्यकर्ता खुलेआम हत्या को अंजाम दे रहे हैं। बलिया की घटना तो एक उदाहरण भर है।

इसी तरह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि बलिया में सत्ताधारी भाजपा के एक नेता के, एसडीएम और सीओ के सामने खुलेआम, एक युवक की हत्या कर फरार हो जाने से प्रदेश में कानून व्यवस्था का सच सामने आ चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब देखें क्या एनकाउंटर वाली सरकार अपने लोगों की गाड़ी भी पलटाती है या नहीं।

इसी तरह बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि यूपी में बलिया की हुई घटना अति-चिन्ताजनक है। महिलाओं व बच्चियों पर आये दिन हो रहे उत्पीड़न आदि से यह स्पष्ट हो जाता है कि यहां कानून-व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। मायावती ने सरकार को इस ओर ध्यान देने की सलाह दे है।

इसी तरह सुहेलदेव भासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने घटना का वीडियो टैग करते हुए ट्वीट किया कि मुख्यमंत्री जी, देखिए- यह विपक्षी पार्टियों के नेता गोली नहीं चला रहे हैं, ये भाजपा के नेता हैं जो सरेआम गोली मारकर हत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून और प्रशासन का डर खत्म हो चुका है।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को बलिया के बैरिया थाना क्षेत्र में दुर्जनपुर में कोटे के दुकान के आवंटन बैठक के दौरान हुए विवाद में भाजपा कार्यकर्ता धीरेन्द्र सिंह ने एक व्यक्ति को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस दौरान वहां एसडीएम और सीओ भी मौजूद थे। सीएम योगी ने इस मामले में घटनास्थल पर मौजूद एसडीएम सुरेश कुमार पाल, सीओ चंद्रकेश सिंह सहित घटना के दौरान मौजूद सभी आठ पुलिसकर्मियों को निलम्बित कर दिया है।

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