Pakistan News : पत्रकार ने की थी आर्थिक नीतियों की आलोचना, नाराज हो गये मंत्री जी

इस्लामाबाद। बीबीसी उर्दू सेवा के लिए एक पाकिस्तानी पत्रकार अस्मा शिराज़ी द्वारा देश की मौजूदा आर्थिक स्थितियों की आलोचना करते हुए लिखे गए एक लेख ने हंगामा खड़ा कर दिया है। डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रधान मंत्री इमरान खान के निजी आवास के परिसरों की विशेष समाचार रिपोर्टों ने कई कैबिनेट मंत्रियों को परेशान किया कर दिया है।

पत्रकार

जमकर बरसे मंत्री जी

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक डा. शाहबाज गिल ने गुरुवार को आनन-फानन में मीडिया कांफ्रेंस बुलाकर सुश्री शिराजी पर उनके अपने लेख में सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना के लिए जमकर बरसे।

क्या कहा था पत्रकार ने

लेख में शिराज़ी ने कहा है कि ‘बकरियों का वध या ‘कबूतरों का खून बहाकर अर्थव्यवस्था को पटरी पर नहीं लाया जा सकता है। सुश्री शिराजी ने किसी भी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है लेकिन श्री गिल ने देश की प्रथम महिला के खिलाफ आरोप लगाने के लिए उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा,“यदि आप प्रधानमंत्री के परिवार को नापसंद करते हैं, तो आप उनके खिलाफ शिकायत कर सकते हैं, लेकिन इसकी भी नैतिक सीमाएं हैं।” डॉन के मुताबिक श्री गिल ने दावा किया कि सुश्री शिराजी का विपक्षी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की उपाध्यक्ष मरियम नवाज से अच्छा संबंध हैं तथा दोनों के बीच दिन भर में कई बार बातचीत होती है।

Corona in Newzeeland : न्यूजीलैंड ने तय किये मानक, 90 प्रतिशत वैक्सीनेशन के बाद ही लॉकडाउन में ढील

बीबीसी की भी हुई आलोचना

मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी के ट्वीट में लेखक और बीबीसी की आलोचना करते हुए कहा है कि समाचार संगठन एक ‘कोठरी में बंद मीडिया है। उन्होंने कहा,“यह देखकर दुख हुआ कि सुश्री शिराजी ने खुद को इस तरह के दयनीय और सर्वथा निम्न लेखन के लिए अपनी प्रतिष्ठा को धूमिल कर दिया है।”

आईएफजे ने भी की आलोचना

इस बीच बेल्जियम स्थित इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (आईएफजे) ने मंत्री निंदा करते हुए कहा,“देश की आर्थिक कठिनाइयों पर एक कॉलम जारी लिखने वाली पत्रकार शिराजी पर पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्री ने ट्विटर पर हमला किया। हम उनसे बस अपना काम करने के लिए एक पत्रकार को परेशान करने और निशाना बनाने के लिए माफी मांगने का आग्रह करते हैं।”

Related Articles

Back to top button
E-Paper