पाकिस्तान : जमात-उद-दावा और जैश-ए-मोहम्मद की 900 से ज्यादा संपत्ति फ्रीज

इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार ने आतंकी वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जमात-उद-दावा (जेयूडी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) की कुल 964 संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। पाकिस्तान की ओर से यह कार्रवाई फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) के 27 सूत्री एक्शन प्लान का लक्ष्य पूरा करने के प्रयासों के हिस्से के रूप में की गई है।

पाकिस्तान

आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, फ्रीज की गई संपत्तियों में से 907 जेयूडी और 57 जेईएम की हैं। संसदीय कार्य राज्यमंत्री अली मुहम्मद खान ने कहा कि प्रांतीय गृह विभागों ने विदेश मंत्रालय द्वारा जारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (फ्रीजिंग और जब्ती) आदेश 2019 के तहत जेयूडी और जेईएम की संपत्ति को फ्रीज करने की कार्रवाई की है।

खान ने अभियुक्त संगठनों के खिलाफ सरकार की प्रगति के बारे में पाकिस्तान के ऊपरी सदन सीनेट में यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा, “पंजाब में जेयूडी की कुल 611 संपत्तियां फ्रीज की गई हैं। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा में 108, सिंध में 80, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 61, बलूचिस्तान में 30 और इस्लामाबाद में 17 संपत्तियां फ्रीज की गई हैं।”

खान ने कहा, “जेईएम की आठ संपत्तियां पंजाब में, खैबर पख्तूनख्वा में 29, पीओके में 12, इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र में चार, सिंध में तीन और एक बलूचिस्तान में फ्रीज की गई हैं।”

विस्तृत विवरण देते हुए खान ने कहा, “जेयूडी की फ्रीज की गई संपत्तियों में 75 स्कूल, चार कॉलेज, 330 मस्जिद और सेमिनरी, 186 औषधालय, 15 अस्पताल, 62 एम्बुलेंस, एक अंतिम संस्कार बस (हार्से), तीन आपदा प्रबंधन कार्यालय, 10 नावें, 17 इमारतें, एक भूखंड, कृषि भूमि और दो मोटरसाइकिल शामिल हैं।”

खान ने कहा कि जेईएम की फ्रीज की गई संपत्ति में 53 मस्जिद, दो डिस्पेंसरी और दो एम्बुलेंस शामिल हैं। यह कदम ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान खुद को ‘ग्रे लिस्ट’ से बाहर देखने के लिए एफएटीएफ द्वारा दिए गए एक्शन प्लान के सभी 27 बिंदुओं का पालन करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है।

इस साल की शुरुआत में, पाकिस्तान की आतंकवाद-रोधी अदालत ने जेयूडी प्रमुख हाफिज मुहम्मद सईद को दो मामलों में पांच साल और छह महीने के कारावास की सजा सुनाई थी। उसे आतंकी वित्तपोषण और अन्य प्रतिबंधित संगठनों के साथ संबंध रखने के लिए दोषी पाया गया है।

Related Articles

Back to top button
E-Paper