Patna Serial Blast : पीएम नरेन्द्र मोदी की रैली में बम ब्लास्ट करने वाले 3 दोषियों को फांसी, 2 को हुई उम्रकैद

पटना। गाँधी मैदान में नरेन्द्र मोदी की हुंकार रैली में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के केस में एन आई ए ने कार्यवाही करते हुए दोषियों को सज़ा सुनाई है. सोमवार को एन आई ए कोर्ट ने आरोपित लोगों की सज़ा का ऐलान कर दिया है. दोषी पाए गए 9 आरोपियों में से तीन को फांसी कि सज़ा दी सुनाई गयी और 2 लोगों को उम्रकैद की सज़ा का ऐलान किया गया है. एक आरोपी को सात साल कैद की सज़ा दी गयी.

नरेन्द्र मोदी

घटना में 6 लोगों की हुई थी मौत और 89 हुए थे घायल

पटना का वो दिन 27 अक्टूबर 2013 था जब पटना जंक्शन और गांधी मैदान पर सीरियल ब्लास्ट हुए थे. अब जाकर एक लम्बे अन्तराल के बाद इस घटना में दोषियों को सज़ा दी गयी है. इस घटना में 6 लोगों की मौत हो गयी थी और करीब 89 लोग बुरी तरह घायल हो गये थे. बुधवार को कोर्ट ने मुख्य 6 आरोपित को देशद्रोह, आपराधिक साजिश, हत्या, हत्या का प्रयास, यूएपीए एक्ट की धारा में दोषी करार दिया था. इसी के चलते अन्य 3 दोषियों को फांसी कि सज़ा सुनाई गयी.

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इन शहरों में किया था प्लान

गौरतलब है कि 2013 में नरेन्द्र मोदी कि हुंकार रैली के दौरान यह हादसा गांधी मैदान में हुआ था. गांधी मैदान के साथ ही दोषियों ने ओअतना जंक्शन को भी निशाना बना लिया था. इस पूरे बम ब्लास्ट की साज़िश रांची और रायपुर जैसे शहरों में रची गयी थी. इस घटना से पहले बाकायदा दोषियों ने इसकी रिहर्सल भी की थी. इंडियन मुजाहिदीन के जिहादियों ने इस घटना को अंजाम तक पहुंचाया था. बोधगया बम ब्लास्ट में शामिल हैदर अली और मोजिबुल्लाह ही इस घटना के मास्टरमाइंड थे.

अजब है संयोग

यह संयोग ही है कि घटना 27 अक्टूबर 2013 की थी और पूरे आठ वर्ष बाद 27 अक्टूबर 2021 को इस मामले का फैसला आया। मामले की सुनवाई के दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही अदालती कार्यवाही में अपना मुकदमा साबित करने के लिए एनआईए ने कुल 187 गवाह पेश किये थे। 

इन्हें पहले ही मिल चुकी है सज़ा

इस मामले के पांच अभियुक्त हैदर अली, इम्तियाज अंसारी, मुजीबुल्लाह, उमर  सिद्धकी और अजहरुद्दीन कुरैशी को एनआईए की इसी अदालत से वर्ष 2018 में बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में हुए चर्चित सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में उम्र कैद की सजा हो चुकी है

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