यूपी में टीकाकरण महाभियान की योजना तैयार, फ्रंटलाइन वर्कर्स को मिलेगी प्राथमिकता

यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में फ्री टीकाकरण के लिए एक जून से होने वाले महाभियान का खाका तैयार कर लिया है। शहर से लेकर गांवों तक होने वाले टीकाकरण के लिए कम आबादी वाले हर जिले में कम से कम रोजाना एक हजार लोगों का टीकाकरण होगा। ऐसे ही अधिक आबादी वाले बड़े जिलों में एक से दो अतिरिक्त कार्य स्थलों पर कोविड वैक्सीनेशन सेंटर (सीवीसी) स्थापित किए जाएंगे। विभिन्न सरकारी कार्यों में फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीकाकरण में प्राथमिकता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व के सबसे बड़े निशुल्क टीकाकरण अभियान को और तेज गति से चलाने के निर्देश दिए हैं। कोविड वैक्सीनेशन संक्रमण से बचाव का सुरक्षा कवर है। देश में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश प्रदेश में 18 से 44 आयु वर्ग के युवाओं ने टीका लगवाया है। सीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने फ्री टीकाकरण महाअभियान को लेकर शासनादेश जारी कर दिया है। एक जून से होने वाले टीकाकरण के लिए हर जिले में 18 से 44 आयु वर्ग के लिए रोजाना चार कार्य स्थल पर सीवीसी का आयोजन किया जाएगा। इसमें जिले स्तर पर न्यायालय के लिए, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग कार्यालय में अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों के लिए और सरकारी कार्य स्थल के लिए दो सत्र स्थापित किए जाएंगे।

अधिक आबादी वाले बड़े जिलों में एक से दो अतिरिक्त कार्य स्थल पर सीवीसी लगाए जाएंगे। आवश्यकतानुसार कार्य स्थल पर सीवीसी का स्थान परिवर्तित करते हुए राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मी, परिवहन कर्मचारी, रेलवे और अन्य राजकीय कार्यालयों में भी टीकाकरण किया जाएगा। इसके अलावा एक सरकारी कार्य स्थल पर राजकीय और परिषदीय शिक्षकों को वरीयता दी जाएगी। इसके अलावा हर जिले में रोजाना दो अभिभावक स्पेशल सीवीसी स्थापित किए जाएंगे, जिसमें 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के माता-पिता का टीकाकरण किया जाएगा।

सूचना विभाग या मीडिया कर्मियों का टीकाकरण होने के बाद इसे सरकारी कर्मचारियों के कार्य स्थल में परिवर्तित कर दिया जाएगा। जिले स्तर पर रोजाना लगने वाले टीके की सूची न्यायालयों में जिला जज के कार्यालय से, मीडिया कर्मियों की सूची जिला सूचना अधिकारी से, शिक्षकों की सूची डीआईओएस या बीएसए से और अन्य सरकारी कर्मियों की सूची डीएम कार्यालय से पहले से तैयार करके मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिया जाएगा और फिर उसी के अनुसार टीकाकरण कराया जाएगा। इन सभी कार्य स्थल पर सीवीसी में 45 और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए भी स्लॉट रखे जाएंगे।

वहीं, टीकाकरण में प्राथमिकता पाने के लिए माता-पिता को अपने बच्चे के 12 वर्ष से कम होने का प्रमाणपत्र देना होगा। इसमें आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र या कोई अन्य दस्तावेज मान्य होगा।

Related Articles

Back to top button
E-Paper