बलिया में पर्यटन की अपार संभावनाएं, गंगा में दिखा डॉल्फिन का कुनबा

बलिया। गंगा, सरयू व तमसा आदि पवित्र नदियों से आच्छादित बलिया में जल पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हाल के दिनों में गंगा व तमसा के संगम स्थल पर विश्व प्रसिद्ध डॉल्फिन मछलियों को देखे जाने के बाद जल पर्यटन को लेकर संभावनाओं की तलाश शुरू हो गई है। इसकी पहल डीएम हरि प्रताप शाही ने की है।

दुनिया में मशहूर डाल्फिन मछलियों का बड़ा कुनबा जिले में प्रवाहित गंगा नदी में है। गंगा नदी में डॉल्फिन के अलावा अन्य जलजीवों का भी बसेरा है। जिलाधिकारी हरि प्रताप शाही ने सीडीओ विपिन जैन के साथ गंगा में भ्रमण कर सैकड़ों डॉल्फिन देखा है। दोनों अधिकारी सागरपाली के सामने गंगा-तमसा के संगम पर गंगा मे गुलाटी मारतीं डाल्फिन के झुण्डों के बीच शनिवार को पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सागरपाली से लेकर बड़काखेत तक की गंगा में डाल्फिनों के बच्चे आनंद से विचरण कर रहे थे।

जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा नदी में जल पर्यटन की अपार संभावना है। पर्यटकों को गंगा नदी के ये अनछुए तट आकर्षित करेंगे। लोग दूरदराज के अन्य प्रांतों में इन्हीं डॉल्फिन को देखने के लिए धन खर्च करते हैं और काफी देर इंतजार करते हैं। डॉल्फिन मछली का बड़ी संख्या में गंगा में होना काफी सुखद है।

गंगा की इस तलहटी में कृष्णाजिन मृगों एवं चीतलों के होने की जानकारी मिली है। इसी तरह विश्व प्रसिद्ध साइबेरियन पक्षियों के लिए मशहूर ऐतिहासिक सुरहा ताल भी आकर्षक का केंद्र है। यहां हर साल विदेशी साइबेरियन पक्षियों का झुंड आता है। जिसे देखने काफी दूर से लोग आते हैं।

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