पीएम मोदी ने एससीओ के मंच से इन दोनों पड़ोसियों को दिया सख्त संदेश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के मंच से चीन और पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य देशों को एक दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए। पीएम मोदी ने मंच से द्विपक्षीय मुद्दों को उठाने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

पीएम मोदी का यह बयान पूर्वी लद्दाख में चीन द्वारा भारत की जमीन पर अतिक्रमण की कोशिशों और पाकिस्तान के कश्मीर के मुद्दे को वैश्विक मंचों पर उठाने के प्रयासों के बीच आया है। पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की अध्यक्षता में आज की वर्चुअल बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मंच साझा किया।

चीन के लिए पीएम मोदी ने कहा कि आपसी संपर्क सहयोग को बढ़ावा देने के लिए यह अहम है कि हम एक दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें। पाकिस्तान को चेतावनी हुए उन्होंने कहा है कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि एसीओ की बैठक में बार-बार अनावश्यक रूप से द्विपक्षीय मुद्दों को लाने का प्रयास किया जाता है। यह एससीओ चार्टर और शंघाई स्पिरिट के खिलाफ हैं।

प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र और विश्व व्यवस्था में वर्तमान वास्तविकता के आधार पर बदलाव किए जाने का समर्थन कसर हुए कहा कि कई सफलताओं के बावजूद संयुक्त राष्ट्र का मूल लक्ष्य अभी भी अधूरा है। महामारी की आर्थिक और सामाजिक पीड़ा से जूझ रहा विश्व संयुक्त राष्ट्र से व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की अपेक्षा रखता है।

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी के कठिन दौर में भारत की फार्मा उद्योग कंपनियों ने 150 से अधिक देशों में आवश्यक दवाएं भेजी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के रूप में भारत अपने उत्पादन और वितरण क्षमताओं का उपयोग कर इस संकट से निपटने में पूरी मानवता की सहायता करेगा।

Related Articles

Back to top button
E-Paper