लोंगेवाला में गरजे पीएम मोदी, ‘आजमाने की कोशिश की तो प्रचंड जवाब मिलेगा’,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल की तरह इस बार भी अपनी दिवाली देश के वीर जवानों के साथ मना रहे हैं। पीएम मोदी जैसलमेर के लोंगेवाला बॉर्डर पर भारतीय सेना के जवानों के साथ दिवाली मना रहे हैं। पाकिस्तान से सटे इस भारतीय सेना के पोस्ट पर पीएम मोदी ने जवानों को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि किसी ने अगर भारत को आजमाने की कोशिश की तो उसे प्रचंड जवाब मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज भारत की रणनीति साफ है, आज का भारत समझने और समझान की नीति पर विश्वास करता है, समझने की भी और समझाने की भी, लेकिन अगर हमें आजमाने की कोशिश की फिर तो जवाब भी उतना ही प्रचंड मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत के बारे में दुनिया ये जान रही है और समझ रही है कि यह देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ति भर भी समझौता करने वाला नहीं है। पीएम मोदी ने कहा भारत का यह कदम आपकी शक्ति और आपके पराक्रम के कारण ही है, सैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आपने देश को सुरक्षित किया हूआ है इसलिए भारत आज वैश्विक मंचों पर प्रखरता के साथ अपनी बात रखता है।

चीन का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री मोदी ने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा, “आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान है। विस्तारवाद एक तरह से मानसिक विकृति है और 18वीं शताब्दी की सोच को दर्शाता है। इस सोच के खिलाफ भी भारत प्रखर आवाज बन रहा है। आज भारत बहुत तेजी के साथ अपने डिफेंस सेक्टर को आत्मनिर्भर बनाने की तरफ बहुत तेजी से कदम उठा रहा है और आगे बढ़ रहा है।”

लद्दाख में चीनी घुसपैठ की कोशिश के बाद भारतीय सैनिकों ने जिस तरह से पराक्रम दिखाया है और ऐसी जगहों पर बैठ गए हैं जहां से चीन को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है। भारतीय सैनिकों की इस कुशलता के बाद चीन के सामने भारत अब बातचीत की मेज पर ज्यादा मजबूत हो गया है और प्रधानमंत्री मोदी ने इशारों इशारों में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा, “साथियो जब भी जरूरत पड़ी है, भारत ने दुनिया को दिखाया है कि उसके पास ताकत भी है और सही जवाब देने की राजनीति इच्छा शक्ति भी है। हमारी सैन्य ताकत उसने आज हमारे नेगोसिएटिंग पावर को भी अनेक गुना बढ़ा दिया है। उनकी संकल्पशक्ति से बढ़ा है।

सैनिकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, दुनिया का इतिहास हमें सिखाता है कि केवल वही राष्ट्र आगे बढ़े हैं जिनके भीतर आक्रांताओं का मुकाबला करने की क्षमता थी। अगर आज का दृष्य देखें, भले ही इंटरनेशनल को-ऑपरेशन कितना ही आगे क्यों न आ गया हो, समीकरण कितने ही बदल क्यों न गए हों, लेकिन हम कभी नहीं भूल सकते कि सतर्कता ही सुरक्षा की राह है, सजगता ही सुख चैन का संबल है, सामर्थ ही विजय का विश्वास है, सक्षमता से ही शांति का पुरस्कार है, भारत आज सुरक्षित है क्योंकि भारत के पास अपनी सुरक्षा करने की शक्ति है, भारत के पास आप जैसे वीरे बेटे बैटियां हैं।”

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