‘मन की बात’ कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी – आत्मनिर्भर भारत अभियान में खिलौना सेक्टर की बड़ी भूमिका

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 68वीं बार रेडियो पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने देश के लोगों से स्वदेशी खिलौने और कंप्यूटर गेम बनाने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान में गेम्स हों, खिलौने का सेक्टर हो, सभी को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। पीएम की यह अपील चीन को बड़ा झटका है।

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पीएम मोदी ने कहा कि खिलौने एक्टिविटी बढ़ाते हैं। मन बहलाते हैं। हम ऐसे खिलौने बनाएं, जो पर्यावरण के अनुकूल हों। खिलौने आकांक्षाओं को उड़ान देते हैं। बच्चों के जीवन पर खिलौनों के प्रभाव को राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी बहुत ध्यान दिया गया है। इस दरान पीएम ने खिलौनों के सम्बन्ध में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की एक उक्ति का भी जिक्र किया, जिसमे टैगोर ने कहा था कि बेहतर खिलौना वो होता है जो अधूरा होता है। अर्थात ऐसा खिलौना, जो अधूरा हो और बच्चे मिलकर खेल-खेल में उसे पूरा करें।

पीएम ने कहा कि भारत में खिलौनों की बहुत समृद्ध परंपरा रही है। कई प्रतिभाशाली और कुशल कारीगर हैं, जो अच्छे खिलौने बनाने में महारत रखते हैं। यहां तक कि भारत के कुछ इलाके खिलौनों के केन्द्र के रूप में भी विकसित होने लगे हैं। कर्नाटक के रामनगर में चन्नापटना, आंध्र प्रदेश के कृष्णा में कोंडापल्ली, तमिलनाडु में तंजौर, असम में धुबरी, उत्तर प्रदेश का वाराणसी में बड़े पैमाने पर खिलौने बनते हैं।

प्रधानमंत्री ने भारत में खिलौना उद्योग को प्रोत्साहन देने से चीन को बड़ा झटका लगेगा। चीन से बड़े पैमाने पर खिलौनों का आयात किया जाता है। इस कदम से आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी गति मिलेगी। इसके साथ ही बड़ी तादाद में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। जानकारी के मुताबिक़ भारत में खिलौनों का कारोबार करीब 10 हजार करोड़ रुपये का है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भारत में 80 फीसदी से अधिक खिलौने चीन से आयात किये जाते हैं।

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