निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारी-अभियंता आंदोलित, बाधित सकती है विद्युत आपूर्ति

लखनऊ। सूबे में विद्युत विभाग के निजी हाथों में जाने का विरोध कर रहे कर्मचारियों एवं अभियंताओं ने सोमवार से कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बिजली कर्मचारियों-अभियंताओं के आंदोलन के मद्देनजर तीनों विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशकों ने जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर विद्युत व्यवस्था के चरमराने की आशंका जताई है।

प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से सोमवार को विद्युतीकरण के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन की खबरें हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पूरे प्रदेश प्रदर्शन होने का दावा किया है। राजधानी में शक्तिभवन मुख्यालय पर समिति के सदस्यों पदाधिकारियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया।

जानकारी के मुताबिक़ अभियंताओं के प्रदर्शन में शामिल होने से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशकों ने निगम के अंतर्गत आने वाले जनपदों के जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर विद्युत आपूर्ति के बाधित होने की जानकारी दे दी है।

संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों का दो टूक कहना है कि किसी भी स्थिति में विद्युत विभाग को निजी हाथों में जाने नहीं दिया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की ओर भी कर्मचारी-अभियंता बढ़ेंगे।

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