निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मियों ने की विरोध सभा, दी हड़ताल पर जाने की चेतावनी

लखनऊ। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में आज पांचवे दिन भी बिजली कर्मियों का प्रदेश व्यापी विरोध सभा का क्रम जारी रहा। बिजली कर्मियों ने बुधवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले मध्यांचल विद्युत् वितरण निगम के मुख्यालय पर विरोध सभा कर चेतावनी दी कि यदि पूर्वांचल विद्युत् वितरण निगम के विघटन एवं निजीकरण किया गया तो बिना और कोई नोटिस दिए सभी ऊर्जा निगमों के बिजली कर्मी अनिश्चितकालीन आंदोलन जिसमे पूर्ण हड़ताल भी होगी, प्रारम्भ कर देंगे ।

विरोध सभा को सम्बोधित करते हुए संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि ऊर्जा निगमो का शीर्ष प्रबंधन पूरी तरह से विफल हो गया है और अपनी विफलता छिपाने के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किया जा रहा है। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि ऊर्जा निगमों का प्रबंधन बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं को हड़ताल के रास्ते पर धकेल कर ऊर्जा क्षेत्र में औद्योगिक अशांति को पैदा कर रहा है।

संघर्ष समिति ने विघटन और निजीकरण के बाद कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर पढ़ने वाले प्रतिगामी प्रभाव और उपभोक्ताओं एवं गरीब किसानों के लिए बेतहाशा महंगी बिजली के रूप में आने वाली कठिनाइयों की ओर भी सरकार व प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया।
विरोध सभा की अध्यक्षता केके वर्मा एवं संचालन एके मिश्र ने किया गया। सभा को इं केपी खान, इं विजय गुप्ता, इं आलोक कुमार श्रीवास्तव, इं आशीष कुमार, हनुमान प्रसाद मिश्रा, अभिनव तिवारी, एसके विश्वकर्मा, संजीव वर्मा और अंकुश मिश्रा आदि ने संबोधित किया।

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