बच्चों को तीसरी लहर से बचाने की तैयारी, आयुष कवच एप में जोड़ा जाएगा बच्चों से जुड़ा फीचर

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। विशेषज्ञ तीसरी लहर में बच्चों के लिए खतरनाक बता रहे हैं। इसके देखते हुए अस्पतालों में बच्चों के इलाज से जुड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। इसमें आयुष विभाग भी पीछे नहीं है। आयुष विभाग अपने सभी अस्पतालों में बच्चों के लिए एक हेल्प डेस्क बनाने जा रहा है। साथ ही, आयुष कवच एप पर बच्चों की सेहत से जुड़ा एक नया फीचर भी जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयुष विशेषज्ञों से आयुर्वेद की पारंपरिक दवाओं के माध्यम से कोरोना संक्रमितों का इलाज करने की बात कही थी। इसके बाद से आयुष विभाग लगातार होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को आयुर्वेदिक दवाएं और काढ़ा मुहैया करा रहा है। तीसरी लहर के बारे में आयुष विभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ अशोक कुमार दीक्षित के मुताबिक, कोरोना काल में आयुष कवच मोबाइल एप काफी लोकप्रिय हुआ है, ढाई लाख से अधिक लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

डॉ. अशोक कुमार दीक्षित ने आगे बताया कि आयुष कवच एप में बहुत जल्द बच्चों की सेहत से जुडा एक फीचर जोड़ने की तैयारी चल रही है। इसके माध्यम से मौसम के हिसाब से बच्चों की सेहत का ख्याल रखने, बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और घरेलू औषधियों से उनकी सेहत को बेहतर के बारे में जानकारियां दी जाएंगी।

उत्तर प्रदेश में आयुष विभाग के करीब 2,104 चिकित्सा‍लय हैं। इनमें से लखनऊ, बनारस, पीलीभीत समेत अन्य जिलों में 8 बड़े अस्पताल है। इन सभी अस्पतालों में बच्चों की सेहत से जुड़ी एक हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी, जहां पर आयुष चिकित्सक लोगों को बच्चों की सेहत से जुड़ी जरूरी जानकारियां देंगे। इसके अलावा बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाओं का वितरण किया जाएगा। ओपीडी खुलने पर यहां बच्चों का भी इलाज शुरू किया जाएगा।

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