प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 25 नए एम्स को मिली मंजूरी- कोविंद

राष्ट्रपति

नई दिल्ली:  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में कोरोना महामारी के दौरान असमय काल कवलित हुए देशवासियों को याद करते हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कोरोनो से बचाव के लिए वैक्सीन तैयार होने पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि बीते 6 वर्षों में अंडरग्रैजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट चिकित्सा शिक्षा में 50 हजार से ज्यादा सीटों की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत सरकार ने 25 नए ‘एम्स’ को भी मंजूरी दी है।

रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को संसद के केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में हमने अनेक देशवासियों को असमय खोया भी है। हम सभी के प्रिय और मेरे पूर्ववर्ती राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन भी कोरोना काल में हुआ। संसद के 6 सदस्य भी कोरोना की वजह से असमय हमें छोड़कर चले गए। मैं सभी के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।” उन्होंने कहा कि मेरी सरकार के समय पर लिए गए सटीक फैसलों से लाखों देशवासियों का जीवन बचा है। आज देश में कोरोना के नए मरीजों की संख्या भी तेजी से घट रही है और जो संक्रमण से ठीक हो चुके हैं उनकी संख्या भी बहुत अधिक है।

संसद भवन में बोले राष्ट्रपति, तिरंगे और गणतंत्र दिवस का अपमान दुर्भाग्यपूर्ण

राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा कि कोरोना काल में बनी वैश्विक परिस्थितियों ने, जब हर देश की प्राथमिकता उसकी अपनी जरूरतें थीं, हमें ये याद दिलाया है कि आत्मनिर्भर भारत का निर्माण क्यों इतना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “हमारे लिए गर्व की बात है कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है। इस प्रोग्राम की दोनों वैक्सीन भारत में ही निर्मित हैं। संकट के इस समय में भारत ने मानवता के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए अनेक देशों को कोरोना वैक्सीन की लाखों खुराक उपलब्ध कराई हैं। मेरी सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछले 6 वर्षों में जो कार्य किए गए हैं, उनका बहुत बड़ा लाभ हमने इस कोरोना संकट के दौरान देखा है।”

उन्होंने कहा कि महामारी के कारण शहरों से वापस आए प्रवासियों को उनके ही गांवों में काम देने के लिए मेरी सरकार ने छह राज्यों में गरीब कल्याण रोजगार अभियान भी चलाया। इस अभियान की वजह से 50 करोड़ मानव दिवस के बराबर रोजगार पैदा हुआ।

कोविंद ने कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत देश में 1.5 करोड़ गरीबों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिला है। इससे इन गरीबों के 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा, खर्च होने से बचे हैं। आज देश के 24 हजार से ज्यादा अस्पतालों में से किसी में भी आयुष्मान योजना का लाभ लिया जा सकता है। प्रधानमंत्री भारतीय जन-औषधि योजना के तहत देश भर में बने 7 हजार केंद्रों से गरीबों को बहुत सस्ती दर पर दवाइयां मिल रही हैं।

Related Articles

Back to top button
E-Paper