युवाओं की शान, यूपी की पहचान बनी खादी

खादी को युवा पसंद कर रहे हैं, जिससे उसे नई पहचान मिल रही है। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि उसने 05 साल पहले अपनी पहचान के लिए तरस खादी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम किया है। यूपी सरकार के मुताबिक, खादी का दायरा बढ़ाने के लिए कोरोना काल के दौरान भी सरकार ने इसे विभिन्न परियोजनाओं से जोड़ कर रोजगार के नए-नए अवसर पैदा किए हैं। युवाओं के बीच लोकप्रिय खादी के उत्पादों को इसके उत्कृष्ट कारीगर रोज नया कलेवर देने में जुटे हैं।

स्वदेश की परिकल्पना पर आधारित खादी अब यूपी में युवाओं की पहली पंसद बन चुकी है। योगी सरकार का कहना है कि वह खादी उद्योग से जुड़ने के लिये युवाओं को लगातार प्रेरित कर रही है, इसी वजह से यूपी में बीते तीन महीनों में खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने 75 जिलों में 185 परियोजनाओं को 786.06 लाख रुपये की अनुदान राशि दी है। इससे यूपी के 1480 लोगों को रोजगार मिल पाया है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल से 30 जून तक यूपी में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत बैंकों से स्वीकृत परियोजनाओं में 4928 लोगों को रोजगार दिया। इस कार्यक्रम के तहत खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड और जिला उद्योग केन्द्र में बैंकों द्वारा 616 परियोजनाएं स्वीकृत की गईं, जिनको 2283.71 लाख अनुदान राशि दी गई। यूपी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यामों को बढ़ावा देने के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास का जो मॉडल रखा। उसके चलते गांवों में उद्योग तो बढ़े ही साथ में गांव-गांव से युवाओं का पलायन भी रुका।

Related Articles

Back to top button
E-Paper