प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की मन की बात, कहा- भारतीय नस्‍ल के कुत्‍ते पालें लोग

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लोगों से अपील करते हुए आज कहा कि उन्हें भारतीय नस्ल के श्वान (कुत्‍ते) पालने चाहिए क्योंकि ये अच्छे और सक्षम होने के साथ साथ हमारे माहौल में आसानी से ढल जाते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी ने रेड़ियो पर अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में सेना के दो जांबाज श्वान सोफी और विदा की बहादुरी और उपलब्धियों का विस्तार से जिक्र करते हुए कहा कि ये देश की रक्षा करते हुए अपना कर्तव्य बखुबी निभा रहे हैं। इन दोनों श्वानों को हाल ही सेना प्रमुख के प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है।

सुरक्षा बलों के श्वानों की बहादुरी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय नस्ल के श्वान भी बहुत अच्छे और सक्षम होते हैं। इनमें मुधोल हाउंड और हिमाचली हाउंड बहुत ही अच्छी नस्लें हैं। राजापलायम, कन्नी, चिप्पीपराई, और कोम्बाई भी बहुत शानदार नस्ल हैं। इनको पालने में खर्च भी काफी कम आता है, और ये भारतीय माहौल में ढ़ले भी होते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां भी भारतीय नस्ल के श्वान अपने सुरक्षा दस्ते में शामिल कर रही हैं।  सेना, सीआईएसएफ और एनएसजी ने मुधोल हाउंड को प्रशिक्षित कर श्वान दस्ते में शामिल किया है। सीआरपीएफ ने कोम्बाई श्वान को अपनाया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद  भी भारतीय नस्ल के श्वान पर शोध कर रही है। इसका उद्देश्य भारतीय नस्लों को बेहतर और उपयोगी बनाना है। उन्होंने कहा, “आप इंटरनेट पर इनके नाम सर्च करिए, इनके बारे में जानिए, आप इनकी खूबसूरती, इनकी क्वालिटी देखकर हैरान हो जाएंगे। अगली बार, जब भी आप, डॉग पालने की सोचें, आप जरुर इनमें से ही किसी भारतीय नस्ल के डॉग को घर लाएँ। आत्मनिर्भर भारत, जब जन-मन का मन्त्र बन ही रहा है, तो कोई भी क्षेत्र इससे पीछे कैसे छूट सकता है।”

सोफी और विदा की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इन्होंने देश की रक्षा करते हुए, अपना कर्तव्य बखूबी निभाया है। उन्होंने कहा, “हमारी सेनाओं में, हमारे सुरक्षाबलों के पास, ऐसे, कितने ही बहादुर श्वान है जो देश के लिये जीते हैं और देश के लिये अपना बलिदान भी देते हैं। कितने ही बम धमाकों को, कितनी ही आंतकी साजिशों को रोकने में ऐसे श्वानों ने बहुत अहम् भूमिका निभाई है।” इस संदर्भ में उन्होंने अमरनाथ यात्रा के रास्ते में गोला बारूद खोज निकालने वाले श्वान बलराम, आई डी विस्फोटक खोजने वाली भावना, रॉकी और क्रेकर का भी जिक्र किया।

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