प्रयागराज में मल्लाहों पर पुलिस का कहर, पीड़ित मल्लाहों से मिलने कल पहुंचेंगी प्रियंका गांधी

प्रयागराज

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में मल्लाहों पर पुलिसिया कहर टूटा है। प्रयाग जिले के बांसवार गांव में मल्लाहों का 50 से ज्यादा नावें पुलिस के लोगों ने तोड़ डाली हैं और उन्हें नदी की ओर जाने से मना कर दिया गया है। नाराज मल्लाहों ने गांव की नाकेबंदी कर दी है और किसी को घुसने नहीं दे रहे हैं। कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी कल रविवार को पीड़ित मल्लाहों से मिलने और उनका दुख दर्द सुनने प्रयाग पहुंच सकती हैं।

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कांग्रेस से प्रयागराज के नेताओं का कहना है कि प्रियंका गांधी को मल्लाहों के साथ हुयी घटना की जानकारी दी गयी है। मल्लाहों के साथ हुए अमानवीय व्यवहार की खबर सुनने के बाद प्रियंका ने वहां आने का फैसला किया है। प्रियंका गांधी प्रयाग के बांसवार  गांव में रविवार को मल्लाहों के बीच रहेंगी और उनके साथ हुए जुल्म की पूरी कहानी सुनने के बाद आंदोलन का एलान करेंगी।

प्रियंका गांधी के आने से पहले कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग के कई नेताओं ने बांसवार गांव में डेरा डाल दिया है और मल्लाहों से बात कर आगे की रणनीति बना रहे हैं। बांसवार  गांव प्रयाग जिले में गंगा के किनारे हैं जहां जाने के लिए सड़क मार्ग नहीं है।

मल्लाहों का आरोप है कि खनन माफिया का विरोध करने और सरकार की चौथ वसूली के खिलाफ जाने पर पुलिस ने उन पर यह कारवाई की है। आक्रोशित मल्लाहों का कहना है कि पुलिस ने कहा कि वो लोग बिना पंजीकरण शुल्क दिए नदी में नांव लेकर जाते हैं और सरकारी सिस्टम को नहीं मानते।

पुलिस का कहना है कि बांसवार  में रहने वाले मल्लाहों ने गांव में घुसने नहीं दिया था और अब नांव तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं मल्लाहों का कहना है कि पुलिस के साथ खनन माफिया के लोग भी उन पर हमला बोलने में शामिल थे।

मल्लाहों के साथ हुयी बर्बरता और नांव तोड़े जाने की खबर सुनने के बाद पूर्व में निषाद पार्टी और अब भाजपा नेता संजय निषाद बांसवार  पहुंचे। भाजपा नेता संजय निषाद के आने की खबर पाते ही आक्रोशित मल्लाहों ने उन्हें खदेड़ लिया और गांव में घुसने नहीं दिया। मल्लाहों का कहना है कि उनके साथ ये ज्यादती भाजपा समर्थक खनन माफिया की शह पर हुआ है और पुलिस उन्हें साथ लेकर गांव में घुसी थी।

मल्लाहों के गुस्से को देखते हुए भाजपा ने अपने और निषाद नेताओं को उनसे संपर्क करने को लगाया है। गौरतलब है कि बीते कई चुनावों से गंगा किनारे बसे मल्लाह भाजपा का समर्थन करते रहे हैं। हाल ही में मल्लाहों की निषाद पार्टी का विलय भी भाजपा में हो गया था।

प्रयाग के बांसवार गांव के मल्लाहों की अदावत खनन माफिया से बरसों पुरानी है। मल्लाहों के विरोध के चलते गंगा के इस इलाके में खनन का ठेका उठने के बावजूद बालू की निकासी नहीं हो पाती है। पुलिस का कहना है कि स्थानीय मल्लाह अक्सर खुद छोटे पैमाने पर बालू की निकासी कर बेंचते हैं।

वहीं गंगा में नांव चलाने के लिए जरुरी पंजीकरण भी मल्लाह नहीं कराते हैं। इसी के चलते पुलिस से अक्सर मल्लाहों की भिडंत भी होती रही है। मल्लाहों के गांव में कई राजनैतिक व सामाजिक संगठन भी सक्रिय हैं जो उन्हें एकजुट कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते रहे हैं। 

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