प्रियंका गांधी ने लिखा शिक्षा मंत्री को खत, कहा- बच्चों को जबरन परीक्षा में धकेलना ठीक नहीं

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखकर सीबीएसई 12वीं की परीक्षाएं कराए जाने के संबंध में विद्यार्थियों, अभिवावकों एवं शिक्षकों की बात सुनने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अगर सरकार विद्यार्थियों, अभिवावकों एवं शिक्षकों की बात को नजरंदाज करके परीक्षाओं को कराने के लिए आगे बढ़ती है तो उनके जीवन को खतरे में डालने की जिम्मेदारी सरकार की होगी।

प्रियंका गांधी ने कहा कि ये हमारी युवा पीढ़ी है। इसको सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सरकार की है। इन परिस्थितियों में विद्यार्थियों की जान खतरे में डालकर सरकार द्वारा उन्हें जबरन परीक्षाओं के लिए धकेलना उचित कदम नहीं होगा।

गौरतलब है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने विद्यार्थियों एवं उनके अभिवावकों से सीबीएसई 12 बोर्ड परीक्षाओं के बारे में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सुझाव मांगे थे और कहा था कि वो इन सुझावों को शामिल कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखेंगी।

प्रियंका गांधी ने अपने पत्र में कहा कि विद्यार्थियों और उनके माता- पिता के इन सुझावों को देखकर आप इन परिस्थितियों में परीक्षाएं कराने संबंधी मानवीय, भावनात्मक एवं मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण समझ सकते हैं।

प्रियंका गांधी ने इस पत्र में यूपी के पंचायत चुनावों में कोरोना के चलते हुई मौतों का उदाहरण देते हुए कहा कि पंचायत चुनावों में कई शिक्षकों को जबरन चुनाव ड्यूटी के लिए भेजा गया था। इस लापरवाही के चलते उप्र में 1600 से अधिक शिक्षकों की मृत्यु हो गई।

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