अनेकता में एकता के लिए मिले सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा-गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि जाति, धर्म, भाषा और बोली सहित तमाम विविधताओं से भरे हमारे देश में एकता के सूत्र को और मजबूत करने के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की जरूरत है। श्री गहलोत आज मुख्यमंत्री निवास पर नेहरू युवा केन्द्र संगठन के तत्वावधान में 13वें आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय इस दिशा में पहल करे ताकि देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं एवं बच्चों के लिए अधिक से अधिक कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम चलाए जा सकें। इससे युवा एक-दूसरे के नजदीक आएंगे और अनेकता में एकता की भावना और प्रगाढ़ होगी।
श्री गहलोत ने कहा कि देश के युवाओं की ऊर्जा का उपयोग रचनात्मक कार्या में करने की दिशा में नेहरू युवा केन्द्र संगठन बड़ी भूमिका निभा रहा है। राज्य सरकार ने प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में नेहरू युवा केन्द्र के कार्यालय की स्थापना के लिए केन्द्र सरकार को पत्र लिखा है। यदि इसे मंजूरी नहीं मिलती है तो यहां के युवाओं को रचनात्मक कार्यों से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार स्वयं के स्तर से इसके लिए संसाधन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत आए इन युवाओं को प्रदेश के इतिहास, संस्कृति एवं सभ्यता की जानकारी मिले, इसके लिए जरूरी है कि उन्हें जयपुर के साथ राज्य के अन्य स्थानों के भ्रमण पर भी ले जाया जाए। राज्य सरकार इसकी व्यवस्था करेगी।
श्री गहलोत ने कहा कि प्रकृतिपूजक आदिवासी समाज ने सदियों से जल, जंगल और जमीन को बचाए रखा है। राज्य सरकार इस समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उनके कल्याण के लिए समर्पित भाव से काम कर रही है। उन्हें अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा शिक्षा एवं रोजगार के भरपूर अवसर प्रदान करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। हमारा प्रयास है कि आदिवासी युवा इन योजनाओं का लाभ उठाकर खुशहाल बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के अन्य वर्गों के साथ आदिवासी भाई-बहनों ने भी देश के स्वतंत्रता संग्राम में अमिट योगदान दिया। महान संत गोविन्द गुरू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में जनजाति समाज के लोग देश के लिए शहीद हो गए। राज्य सरकार ने उनकी स्मृति को चिरस्थाई बनाने के लिए बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में भव्य शहीद स्मारक का निर्माण कराया है।
इस अवसर पर खेल एवं युवा मामलों के राज्यमंत्री अशोक चांदना ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
नेहरू युवा केन्द्र के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. भुवनेश जैन ने बताया कि देश के सात राज्यों के तीन हजार आदिवासी बच्चों का चयन इस एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत किया गया है। प्रत्येक दल में 200 बच्चों को शामिल कर देश के 15 विभिन्न स्थानों के सात दिवसीय भ्रमण पर भेजा गया है।
इस कार्यक्रम में झारखण्ड और छत्तीसगढ़ के नक्सलवाद प्रभावित जिलों से आए करीब 200 आदिवासी युवा मौजूद थे।

Related Articles

Back to top button
E-Paper