अगले महीने चालू हो जाएगा पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, तेजी से चल रहा है निर्माण कार्य

उत्तर प्रदेश में बन रहे देश के सबसे बड़े पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का काम अब जून के आखिर तक पूरा हो पाएगा। लखनऊ से गाजीपुर तक निर्माणाधीन इस एक्सप्रेस वे का 88 फीसदी निर्माण पूरा हो चुका है। अगले एक महीने में इसका बाकी काम पूरा हो जाने की उम्मीद है।
कोरोना काल में आंशिक कर्फ्यू के बाद भी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। जून के आखिरी हफ्ते तक इस एक्सप्रेस वे का मुख्य मार्ग यातायात के लिए तैयार हो जाएगा। हालांकि, इसके कैरिज वे को पहले मार्च के अंत तक खोलने की योजना थी।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लखनऊ-सुल्तानपुर रोड पर लखनऊ के चांदसराय गांव से शुरू होकर बिहार सीमा से 18 किमी पहले गाजीपुर जिले के हैदरिया गांव पर समाप्त होगा। एक्सप्रेस-वे की लबाई 340.824 किमी है और परियोजना की कुल अनुमानित लागत 22494.94 करोड़ रुपये है। इस परियोजना से प्रदेश की राजधानी लखनऊ के साथ-साथ बाराबंकी, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, अबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ तथा गाजीपुर जिले लाभान्वित होंगे। इस एक्सप्रेस-वे के तहत कुल 22 फ्लाईओवर, 7 रेलवे ओवरब्रिज, 7 बड़े व 114 छोटे सेतु, 265 अंडरपास और 507 पुलिया बनाई गई है। इतने निर्माण कार्यों के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे कुल 8 पैकेजों में बांटा गया है।

योगी सरकार ने निर्माणाधीन पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की लंबाई बढ़ाने का फैसला किया है। पहले गाजीपुर तक बनने वाले इस एक्सप्रेस वे अब बलिया तक बनेगा। औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बन जाने के बाद दिल्ली से बिहार तक का सफर पहले के आधे समय में तय किया जा सकेगा।

यूपीडा अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेस-वे निर्माण से प्रदेश का पूर्वी क्षेत्र प्रदेश की राजधानी और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे व यमुना एक्सप्रेस-वे के जरिए देश की राजधानी से जुड़ जायेगा। इसके दोनों तरफ औद्योगिक कॉरिडोर बनाए जाएंगे। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि वहां के लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। इसके साथ ही इसे फैजाबाद और वाराणसी से भी जोड़ा जा रहा है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के भी दोनों तरफ की दो किलोमीटर की जमीन को औद्योगिक गलियारे के तौर पर विकसित किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button
E-Paper