महारानी लक्ष्मीबाई के नाम पर रेलवे स्टेशन का नाम होने से पर्यटन को बढ़ावा : अनुराग

उत्तर प्रदेश में झांसी-ललितपुर से सांसद अनुराग शर्मा ने महारानी लक्ष्मीबाई के नाम पर झांसी रेलवे स्टेशन का नाम पर रखे आने के प्रस्ताव को राज्य सरकार की मंजूरी मिलने पर हार्दिक खुशी जताते हुए लोगों को बधाई दी है। श्री शर्मा ने गुरूवार को कहा कि अब झांसी रेलवे स्टेशन को महारानी लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन के नाम से जाना जायेगा। उन्होंने कहा , “ यह बात ही अपने आप में बहुत गौरवांवित करने वाली है। मुझे अपनी रानी के शौर्य और बलिदान पर बहुत गर्व है और ऐसा केवल मेरा ही नहीं यहां की पूरी जनता का मानना है। रेलवे स्टेशन का नाम परिवर्तन होने से क्या लाभ होगा यह बात नहीं है लेकिन अब जब टिकट पर हर यात्री महारानी लक्ष्मीबाई स्टेशन का नाम देखेगा तो कहीं न कहीं इस क्षेत्र में घूमने आने वाले व्यक्ति के मन में यह बात जरूर उठेगी कि केवल ओरछा और खजुराहो ही नहीं यहां महारानी लक्ष्मीबाई से जुड़ी ऐतिहासिक इमारतों को भी देखना चाहिए। इससे झांसी में पर्यटन के विकास को बल मिल सकता है।”

मुरादाबाद में गृह मंत्री अमित शाह बोले, “अखिलेश यादव के शासनकाल में हुए 700 दंगे”

उन्होंने कहा कि अभी तक इस क्षेत्र में आने वाले पर्यटक मुख्यत: ओरछा और खजुराहो को देखने की लालसा में ही यहां आते हैं लेकिन बहुत संभव है कि अब महारानी लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन पर आकर पर्यटकों के मन में महारानी की कर्मभूमि को देखने की उत्कंठा भी जागृत हो।
स्थानीय लोगों ने भी प्रदेश सरकार के इस फैसले पर बड़ी खुशी का इजहार किया है। बुंदेलखंड के छात्रों आकांशा, अमन, शाश्वत और दीप ने सरकार के इस फैसले काे स्थानीय लोगों के लिए एक सौगात बताया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए मांग की कि स्वतंत्रता संग्राम में वीरता की अमिट छाप छोड़ने वाली बुंदेलखंड की विभूतियों के नाम पर यहां के अन्य रेलवे स्टेशनों के नाम भी रखे जाने चाहिए। इससे तो यहां पर्यटन के विकास में और मदद मिलेगी।
वहीं कुछ प्रबुद्धजन इसे राजनीतिक फैसले के रूप में अधिक देख रहे हैं। उनका मानना है कि महारानी का नाम अपने आप में एक पहचान है और देश तथा दुनिया में झांसी का जो महत्व है वह महारानी के कारण ही है। ऐसे में रेलवे स्टेशन का नाम उनके नाम पर किये जाने से कोई बड़ा बदलाव नहीं होने जा रहा ।

गौरतलब है कि लंबे समय से इस बात के लिए लगातार मांग उठ रही थी कि झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर वीरांगना लक्ष्मी बाई रेलवे स्टेशन किया जाए। इसके लिए सबसे पहले 2019 में राज्यसभा सांसद एवं स्तंभकार रहे प्रभात झा ने मांग उठाई। इसके बाद झांसी-ललितपुर से सांसद अनुराग शर्मा ने संसद में इसे उठाया और उसके बाद कई सांसदों ने उनका समर्थन करते हुए पत्र लिखे। बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष हरगोविंद कुशवाहा ने भी पत्र लिखकर झांसी स्टेशन का नाम बदलकर वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के नाम पर रखने का समर्थन किया था। हाल में सरकार की ओर से लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गौकर्ण ने जारी किए परिपत्र में झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन कर दिया गया है।

Related Articles

Back to top button
E-Paper