संरक्षा विभाग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रेलकर्मी पुरस्कृत

उत्तर मध्य रेलवे, मुख्यालय के संरक्षा विभाग के उल्लेखनीय योगदान देने वाले 18 रेल कर्मियों को प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी प्रकाश देव मिश्रा ने पुरस्कृत एवं सम्मानित किया।

पुरस्कृत होने वालों अधिकारियों एवं कर्मचारियों में मनीषा गोयल, उप मुख्य संरक्षा अधिकारी/यांत्रिक, नितिन वर्मा उप मुख्य संरक्षा अधिकारी/बिजली, प्रदीप कुमार पाल उप मुख्य संरक्षा अधिकारी/एस एण्ड टी, आर.के.सक्सेना उप मुख्य संरक्षा अधिकारी/इंजीनियरिंग, एस.के.बोदरा, मुख्य कार्यालय अधीक्षक/संरक्षा, अमित मुखर्जी, कार्यालय अधीक्षक/संरक्षा, आर.के.श्रीवास्तव, निजी सचिव प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी, धीरेंद्र सिंह, स्टेनो, सुनील कुमार, संरक्षा सलाहकार/ इंजीनियरिंग, बच्चू लाल, संरक्षा सलाहकार/ बिजली, अभय शंकर, संरक्षा सलाहकार/ टेलिकाम, गौरव श्रीवास्तव, संरक्षा सलाहकार/ यातायात निरीक्षक, रमेश कुमार, यातायात निरीक्षक, डी.आर भारतीय, यातायात निरीक्षक, संजय कुमार श्रीवास्तव, मुख्य गाड़ी लिपिक, ओम प्रकाश गुप्ता/सामान्य सहायक, महेश दास/ सामान्य सहायक, मो. सरफराज/ सामान्य सहायक शामिल थे।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी प्रकाश देव मिश्रा ने कहा कि किसी भी प्रकार के संरक्षा सम्बंधी कार्यों को मुर्त रूप देने में संरक्षा विभाग का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। संरक्षा विभाग द्वारा विभिन्न संरक्षा कार्यों के निष्पादन की मानीटरिंग करने के साथ साथ सभी स्तर पर समंवय स्थापित करने और कार्य निष्पादन में  आने वाली किसी भी प्रकार की कमी को दूर करने के कार्य में निरंतर प्रयास किया जाता है।

संरक्षा विभाग के निरंतर एवं सतत प्रयासों के फलस्वरूप लॉकडाउन के दौरान भी सभी कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा किया गया। इसी क्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी ने सम्मानित होने वाले रेल कर्मियों की कार्य के प्रति प्रतिबद्धता एवं निष्ठा के लिए प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारी अपने सहयोगियों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं और उन्हें भी समान दक्षता के साथ काम करना चाहिए।उन्होंने बल देते हुये कहा कि संरक्षा हमारी प्राथमिक है । वर्तमान कोविड-19 के दृष्टिगत आवश्यक सभी कोविड नियमों के पालन के साथ साथ  ट्रेनों के संचालन के दौरान वांछित सभी संरक्षा प्रोटोकॉल का अनुपालन हर कीमत पर सुनिश्चित करना चाहिए ।

उन्होंने यह आशा व्यक्त की कि  पुरस्कृत अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं अन्य कर्मचारियों द्वारा भविष्य में भी इसी प्रकार से अपनी पूर्ण निष्ठा एवं लगन के साथ संरक्षा के कार्यों को मूर्तरूप दिया जाता रहेगा।

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