यूपी के सभी जिलों में बनाए जा रहे हैं पीडियाट्रिक वार्ड

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के बच्चों को कोविड के प्रकोप से बचाने के लिए अधिकारियों को विशेष कार्ययोजना बनाने और उसके आधार पर काम करने के निर्देश दिए हैं। अब इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश के सभी जिलों में विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस पीडियाट्रिक वार्ड पीकू तैयार किए जा रहे हैं, जहां बच्चों को सभी तरह का इलाज मिल सकेगा।

आधुनिक संसाधनों से युक्त पीडियाट्रिक बेड बच्चों के लिए ‘रक्षा कवच’ का काम करेगा। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना महामारी की तीसरी लहर आने और उसमें बच्चों के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आंशका को देखते हुए तत्काल सभी शहरों में 50 से 100 बेड के पीडियाट्रिक बेड (पीआईसीयू) बनाने के निर्देश दिये हैं। ये एक महीने से ऊपर के बच्चों के लिए होंगे। इनका आकार छोटा होगा और किनारे पर रेलिंग लगी होगी।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ विशेष गुप्ता ने बताया कि प्रतापगढ़ में 30, प्रयागराज में 25, जालौन 10 और कौशांबी में 20 बिस्तरों वाले पीकू वार्ड एक हफ्ते के भीतर तैयार हो जाएगा। उन्होंने बताया कि झांसी, अमेठी, मथुरा, मुरादाबाद, अयोध्या, गोरखपुर, मेरठ, चित्रकूट, लखनऊ और आजमगढ़ में भी पीकू वार्ड बनाने का काम तेजी से चल रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तत्काल सभी बड़े शहरों में 50 से 100 पीडियाट्रिक वार्ड बनाने का फैसला बच्चों को बेहतर इलाज देने में कारगर बताया जा रहा है। इसमें एक महीने से ऊपर के बच्चों के लिए पीआईसीयू (पेडरिएटिक इनटेन्सिव केयर यूनिट), एक महीने के नीचे के बच्चों के उपचार के लिए एनआईसीयू (नियोनेटल इनटेन्सिव केयर यूनिट) और अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों के लिये एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबार्न केयर यूनिट) बेड होते हैं। इनमें बच्चों को तत्काल इलाज देने की सुविधाएं होती हैं।

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