फ़ैसले से पहले हनीप्रीत से मिलना चाहता है राम रहीम, 12 अक्टूबर सुनाई जाएगी सज़ा

डेरा सच्चा सौदा के पूर्व प्रबंधक रणजीत सिंह हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने से पहले गुरमीत राम रहीम अपनी मां व हनीप्रीत से मिलना चाहता है। अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद राम रहीम ने खाना भी कम कर दिया है।

राम रहीम

रंजीत सिंह मामले में होना है फैसला

रंजीत सिंह हत्याकांड में 12 अक्टूबर को सीबीआई कोर्ट द्वारा सजा सुनाई जाएगी। इस केस में राम रहीम समेत पांच लोगों को दोषी करार दिया जा चुका है। सजा पर आने वाले फैसले को देखते हुए जिले में अभी से सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किये जा रहे है और जगह-जगह पर नाकेबंदी की गई है। इसके अलावा सुनारियां जेल की तरफ जाने वाले सड़क पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जेल परिसर में भी सुरक्षा के अतिरिक्त प्रबंध किये गए है।

बीजेपी में शामिल हुए कई दिग्गज नेता, आर के चौधरी ने छोड़ा कांग्रेस का हाथ

कड़े किये गये सुरक्षा के इंतज़ाम

सोमवार को राम रहीम से उनके वकील मुलाकात करेंगे, इसके लिए उन्होंने प्रशासन से अनुमति ले रखी है। पंचकुला सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को डेरे के पूर्व प्रबंधक रणजीत सिंह हत्याकांड में बाबा राम रहीम सहित चार को दोषी ठहराया है। अदालत द्वारा दिये जाने वाले सजा के फैसले को लेकर अभी से शहर में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किये गए है। खास तौर पर सुनारियां जेल को जोड़ने वाले सभी मार्गो पर अतिरिक्त सुरक्षा के प्रबंध किये है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट है। राम रहीम के सुनारियां जेल में बंद होने के चलते पहले ही जेल की थ्री लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है और मुख्य मार्ग से लेकर जेल तक चार जगहों पर नाकेबंदी की गई है। इसके अलावा बाबा के अनुयायियों पर भी नजर रखी जा रही है। मुख्य सुरक्षा प्रभारी सन्नी सिंह का कहना है कि जिले में सुरक्षा के अतिरिक्त प्रबंध किये गए है और इस बारे में सभी थाना प्रभारियों के निर्देश दिये गए है.

वीडियो के ज़रिये होती है पेशी

साध्वी यौन शोषण मामले में सुनारियां जेल में बंद बाबा राम रहीम कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। यहां तक कि जब भी बाबा कि वीडियो के जरिए पेशी होती है, सभी कैदियों को बैरक में बंद कर दिया जाता है। बाबा की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाएं गए है और हर समय उनकी निगरानी के लिए अलग से जेल डीएसपी के अलावा चार सुरक्षा कर्मियों को लगाया गया है, जोकि 24 घंटे बाबा की निगरानी रखते है। बाबा ने पैरोल के लिए भी कई बार अर्जी दी है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के चलते जेल प्रशासन ने उनकी अर्जी को खारिज कर दिया था।

Related Articles

Back to top button
E-Paper