असली नायक : देशभर के बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहे हैं संजीव कुमार

डेस्क। ‘कोई चलता पद चिन्हों पर कोई पदचिन्ह बनाता है’, यह पंक्ति संजीव कुमार पर सटीक बैठती है। कोरोना त्रासदी के जिस दौर में देश-दुनिया के लोग घरों में दुबके हुए थे, उस समय संजीव कुमार देश के बच्चों का ज्ञानार्जन कर रहे थे। संजीव कुमार ऐसे कर्मठ अध्यापक हैं जो अपने निजी खर्च से जूम का बिजनेस प्लान खरीदकर 8वीं से 12वीं तक के बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहे हैं।

संजीव कुमार सुबह 8 बजे से शाम 12 बजे तक अपने विद्यालय की क्लासेज लेने के बाद शाम को 4 से 7 देश भर के बच्चों को फ्री पढ़ा रहे हैं। ऑनलाइन लाइव स्टडी के तहत बच्चों का टेस्ट भी लिया जाता है, टेस्ट फ्लैश करके पेरेंट्स को साथ में बिठाकर उनके सॉल्यूशन करने को कहा जाता है। उनकी धर्मपत्नी कविता केवी 5 में केमिस्ट्री टीचर हैं, दोनों सरकारी नौकरी में हैं, इसलिए कमाई का लालच नहीं है।

केंद्रीय विद्यालय ,बठिंडा नंबर एक के पीजीटी मैथ संजीव कुमार एक अप्रैल से बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा दे रहे हैं, फिलहाल उनसे देशभर के 2000 बच्चे शेड्यूल के मुताबिक पढ़ रहे हैं। पंजाब के अलावा देश के विभिन्न शहरों से बच्चे उनसे ऑनलाइन स्टडी कर रहे हैं।

वर्चुअल वर्ल्ड पैटर्न से स्टडी करवाने के लिए उन्होंने यूएसए रहते उनके बचपन के दोस्त पुष्पिंदर की नौवीं में पढ़ने वाली महक से लगातार 4 दिन तक सारा सिस्टम समझा। यूएसए में इसी पैटर्न पर 6 दिन घर में ही पढ़ाई कराई जाती है। इसके बाद 29 मार्च को डेमो क्लास लेने के बाद 1 अप्रैल से रेगुलर टाइम टेबल के अनुसार पढ़ाई शुरू कराई। अब वे थर्ड स्टेज स्टडी करवा रहे हैं, पहले कॉपी पर लिखना, दूसरा मोबाइल क्लास और अब एपल आई पैड से लैपटॉप अटैच करके पढ़ाते हैं। यही नहीं, अब वे 35 अध्यापकों को भी स्टडी सिस्टम सिखा चुके हैं और अब ये अध्यपक उनके मार्गदर्शन में अपने-अपने स्कूलों में बच्चों को ऑनलाइन स्टडी करवा रहे हैं। संजीव कुमार के अनुसार वो स्कूल खुलने तक ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखेंगे।

संजीव बताते हैं कि शुरुआत में वाट्सएप ग्रुप में रिक्वेस्ट आने पर बच्चों को शामिल किया जाता है, जिसमें उसका क्लास, स्कूल पूछा जाता है और फिर उसी के आधार पर उसे सेव किया जाता है। प्रतिदिन हरेक बच्चे को क्लास वाइज टाइम टेबल के अनुरूप व्यक्तिगत तौर पर ब्रॉडकास्ट के जरिए रजिस्टर्ड मोबाइल पर आईडी और पासवर्ड भेजा जाता है जिसे लॉगिन करके 1 घंटे की क्लास शुरू होती है। हर बच्चे की अटेंडेंस के बाद वे बच्चों से इंटरेक्ट होकर उन्हें स्टडी के लिए मानसिक तौर पर तैयार करते हैं।

Yashpal

यशपाल जी बच्चों के साथ वार्ता करते हुए

संजीव कुमार अपने आईपैड पर हरेक बच्चे की मानिटरिंग करते हैं, हर ऑडियो-वीडियो से बच्चे की फ्लैशिंग होते रहने से बच्चे के उपस्थित होने अथवा क्लास छोड़ जाने का पता चलता है। वहीं बच्चे की ओर से कोई सवाल पूछने के लिए हैंड रेज (हाथ उठाने) की ऑप्शन है जिससे संजीव कुमार को तुरंत पता चल जाता है और वे बीच में बच्चे के डाउट क्लियर करके आगे बढ़ते हैं। बच्चों को समय-समय पर ऑनलाइन क्विज़ेज करवाई जाती हैं और देश के प्रमुख व्यक्तियों से भी मिलवाया जाता है इस कड़ी में रुड़की के प्रोफेसर और मशहूर अभिनेता यशपाल शर्मा ने बच्चों को स्टडी टिप्स भी दिए। छह महीने से चल रही इन क्लासेज में बच्चों का लकभक अस्सी प्रतिशत पाठ्यक्रम कवर हो चूका है।

वे एनसीईआरटी बुक्स में से बच्चों को पढ़ाते हैं, वहीं कंपीटिशन लेवल के लिए एडीशनल क्वेश्चन करवाने के लिए अन्य बुक्स में भी से पढ़ाते हैं जिन्हें वे अपने पास रखते हैं। बच्चों को उनकी क्लास का सिलेबस पहले भेजा गया जबकि पढ़ाए जाने वाले टॉपिक की पीडीएफ फ्लैश बनाकर बच्चों के मोबाइल पर भेजी जाती है। आईपैड पर जो भी लिखते हैं, बच्चों के मोबाइल स्क्रीन पर चला जाता है।

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