मौर्य सहित भाजपा के बागी विधायक सपा में शामिल, अखिलेश यादव बोले, बाबा जी से कैच छूटा

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में बगावत करने वाले पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में हाल ही में इस्तीफा देने वाले तमाम विधायकों एवं पूर्व विधायकों ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली।
सपा कार्यालय में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में मौर्य के अलावा पूर्व मंत्री धर्म सिंह सैनी और विधायक भगवती सागर सहित भाजपा एवं अपना दल के कुछ विधायकों ने सपा की सदस्यता ग्रहण की। वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश ने पूर्व मंत्री माैर्य और सैनी के अलावा भाजपा छोड़ने वाले पांच विधायकों भगवती प्रसाद सागर, विनय शाक्य, रोशन लाल वर्मा, डॉ मुकेश वर्मा और ब्रजेश कुमार प्रजापति एवं अपना दल के विधायक चौधरी अमर सिंह को भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करायी।
इस दौरान सपा में शामिल होने वाले पूर्व विधायकों में अली यूसुफ अली, राम भारती, नीरज मौर्या, हरपाल सैनी, राजेन्द्र प्रसाद सिंह पटेल और पूर्व राज्य मंत्री विद्रोही धनपत राम मौर्य के अलावा बलराम सैनी (पूर्व एमएलसी) सहित अन्य नेताओं सपा में शामिल हो गये।
नेताओं को पार्टी में शामिल करने के बाद अखिलेश ने समर्थकों के भारी हुजूम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बाबा मुख्यमंत्री को क्रिकेट खेलना नहीं आता है, लेकिन आता भी होता तो उनसे अब कैच छूट गया है।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा के लगातार विकेट गिर रहे हैं और भाजपा वाले ऐसे हिट विकेट हुये कि उन्हें हमारे नेताओं की रणनीति नहीं समझ पाये। उन्होंने कहा, “आगामी चुनाव में 80 बनाम 20 प्रतिशत की बात करने वालों को बताना चाहता हूं कि 80 प्रतिशत लोग तो पहले ही सपा गठबंधन के साथ थे, मौर्य जी की बात सुनकर अब बाकी बचे 20 प्रतिशत भी हमारी तरफ ही आ गए है।” गौरतलब है कि हाल ही में योगी ने एक साक्षात्कार में कहा था कि इस चुनाव में 80 बनाम 20 प्रतिशत में मताें का बंटवारा होगा। उनका आशय था 80 प्रतिशत मत भाजपा के खाते में और 20 प्रतिशत विरोधी दलों के पास जायेंगे।
अखिलेश ने कहा, “अब समाजवादी और अंबेडकरवादी एक जगह आ गये हैं। अब हमें लगता है कि 400 सीटें सपा गठबंधन को मिल जायेंगी।” इस दौरान स्वामी ने योगी को चुनौती देते हुये कहा, “इस चुनाव में मुकाबला 15 और 85 प्रतिशत का है। 85 तो हमारा है और 15 में भी बंटवारा है।”
उन्होंने योगी सरकार पर दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों का आरक्षण निष्प्रभावी करने का आरोप लगाते हुये कहा कि इस सरकार में आवेदन और विज्ञापन जारी किये बिना ही आरक्षित वर्ग की सीट, सामान्य वर्ग को दे दी गयी। उन्होंने कहा कि अब सरकारी संस्थानों का निजीकरण कर रहे हैं, जिससे आरक्षण अपने आप खत्म हो जाये।
स्वामी ने कहा, “योगी जी को मैं ये कहना चाहता हूं, मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर पाप करोगे और दुहाई दोगे हिंदू की, क्या आप की नजर में कुछ बड़ी जाति के लोग ही हिंदू हैं। क्या अनुसूचित जात के लोग हिंदू नही है, पिछड़े वर्ग के लोग हिंदू नही है। यदि ये लोग हिंदू हैं तो इनका आरक्षण क्यों निगल लिया गया।”

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