एम्स के डॉक्टर की चेतावनी, एक मास्क को 2-3 हफ्ते से ज्यादा इस्तेमाल करने पर ब्लैक फंगस का खतरा

कोरोना में सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने की हिदायत आप रोज सुनते हैं। लेकिन अब आपको और सावधान रहने की जरूरत है। अगर आप 2 -3 हफ्तों तक एक ही मास्क का प्रयोग कर रहे हैं तो इससे ब्लैक फंगस होने का खतरा बढ़ सकता है। एम्स में न्यूरोसर्जरी के प्रोफेसर डॉ, पी शरत चंद्र ने ब्लैक फंगस को लेकर बात की है।

डॉ. पी शरत चंद्र ने कहा कि दो से तीन सप्ताह के लिए एक ही मास्क का इस्तेमाल करने से भी ब्लैक फंगस का संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना से संक्रमित हो चुके मरीजों के लिए छह हफ्तों तक ब्लैक फंगस का खतरा सबसे अधिक होता है।

शरत चंद्रा ने कहा, ”फंगल इंफेक्शन कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह महामारी के अनुपात में कभी नहीं हुआ है। हम सटीक कारण नहीं जानते कि यह महामारी के अनुपात में क्यों पहुंच रहा है लेकिन हमारे पास यह मानने के लिए कई कारण हैं।” उन्होंने आगे बताया कि ब्लैक फंगस होने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारणों में अनियंत्रित डायबिटीज, इलाज के दौरान टोसिलिजुमैब के साथ स्टेरॉयड का ठीक तरीके से इस्तेमाल न होना और सप्लीमेंट ऑक्सीजन लेना शामिल हैं। कोरोना इलाज के छह हफ्तों के भीतर यदि इनमें से कोई फैक्टर है तो मरीज में ब्लैक फंगस होने का सबसे ज्यादा जोखिम है।

देश के कई हिस्सों में इसके चलते कई लोगों को मौत हो चुकी है। सिर्फ महाराष्ट्र में इसकी वजह से करीब 90 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक कई राज्य इसे महामारी अधिनियम-1897 के तहत महामारी घोषित कर चुके हैं।

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