राजस्थान हाईकोर्ट: रॉबर्ट वाड्रा मामले में न्यायाधीश ने किया सुनवाई से इनकार

राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट में बुधवार को रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई होनी थी लेकिन न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग की अदालत ने सुनवाई से इनकार कर दिया। इस वजह से बुधवार को ईडी की हिरासत में लेकर पूछताछ करने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई नहीं हो पाई।

अब तक 26 बार इस मामले में सुनवाई टल चुकी है। हाईकोर्ट ने वाड्रा की गिरफ्तारी पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा रखी है। ईडी की ओर से उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति मांगी गई है।

दरअसल राजस्थान में बीकानेर जिले के कोलायत में जमीन की खरीद-फरोख्त और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले को लेकर बिचौलिये महेश नागर तथा स्काईलाइट हॉस्पिटेलिटी की ओर से हाईकोर्ट में याचिका पेश की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए पूर्व में हाईकोर्ट ने मामले में आरोपितों को आंशिक राहत प्रदान करते हुए नो कोर्सिव एक्शन यानी की गिरफ्तारी पर रोक के आदेश दिए थे।

यह है मामला

रॉबर्ट वाड्रा व उनकी मां मौरीन वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट प्राइवेट हॉस्पिटेलिटी लिमिटेड ने साल 2012 में बीकानेर के कोलायत क्षेत्र में दलाल महेश नागर के जरिए 270 बीघा जमीन 79 लाख रुपये में खरीदी थी। कोलायत में भारतीय सेना की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के लिए यह जमीन आवंटित है। इस जमीन से विस्थापित हुए लोगों के लिए दूसरी जगह पर 1400 बीघा जमीन आवंटित की गई थी। लेकिन, इस जमीन के फर्जी कागजात तैयार करवाकर वाड्रा की कंपनी को बेच दी गई। सेना से संबंधित इस क्षेत्र की जमीन को बेचा नहीं जा सकता था।

फर्जी तरीके से जमीन के बेचने का मामला उजागर होने से पूर्व ही वाड्रा की कंपनी ने इस जमीन को पांच करोड़ रुपये में बेच दिया था। मनी लांड्रिंग से जुड़े इस मामले की ईडी ने जांच शुरू की थी। ईडी की पूछताछ से बचने के लिए वाड्रा लंबे अरसे से प्रयास करते रहे हैं। उसके बाद हाईकोर्ट ने वाड्रा व अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए वाड्रा को ईडी के समक्ष पेश होकर जांच में सहयोग करने के आदेश दिए थे। उसके बाद वाड्रा जयपुर में ईडी के समक्ष पेश भी हुए थे। अब ईडी वाड्रा को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ करना चाहती है।

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