राहुल गांधी की रैली में सचिन पायलट को नहीं मिला बोलने का मौका, मंच पर भी बैठे दूर

पीलीबंगा (हनुमानगढ़)। केन्द्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के बीच किसानों की आवाज को धार देने के लिए राजस्थान के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की किसान रैली में पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट को बोलने का मौका ही नहीं मिला। पायलट राहुल के साथ मंच पर बैठे जरूर, लेकिन उनका संबोधन नहीं हुआ। राहुल गांधी ने इस बार न तो गहलोत और पायलट का हाथ पकडक़र एकजुटता दिखाई, न ही सचिन पायलट को लेकर नजदीकी का कोई संदेश मंच से दिया। इस घटनाक्रम से सियासी गलियारों में चर्चा का दौर तेज हो गया है।

राहुल गांधी

राहुल शुक्रवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर राजस्थान पहुंचे। राहुल की दो किसान रैलियों में से पहली रैली हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में हुई। पीलीबंगा में आयोजित रैली में मंच पर राहुल गांधी के साथ ही प्रथम पंक्ति में चारपाई पर सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और सचिन पायलट समेत अन्य वरिष्ठ नेता बैठे।

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रैली में मंच पर राहुल के बगल में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बैठे, लेकिन पायलट दूर ही बैठे। राहुल गांधी को मंच पर सीएम गहलोत और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा समेत अन्य नेताओं ने किसानों की ओर से हल भेंट किया। इस दौरान भी पायलट शामिल नहीं थे।

राहुल के मंच पर आने के बाद मुख्यमंत्री गहलोत, राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन और राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष डोटासरा का संबोधन हुआ। संबोधन की सूची में सचिन का नाम नहीं था। पायलट वर्तमान में पीसीसी के किसी पद पर नहीं हैं, वे अभी महज एक विधायक हैं। पीलीबंगा पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने किसी नेता से आई कॉन्टेक्ट नहीं किया। अलबत्ता, अपने संबोधन में जरुर उन्होंने सचिन पायलट का नाम लिया।

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