संजीत कांड : सीबीआई ने दर्ज किया मुकदमा, इंस्पेक्टर सहित आईपीएस की भी बढ़ेंगी मुश्किलें

कानपुर उत्तर प्रदेश के चर्चित संजीत अपहरण व हत्याकांड में आखिरकार सीबीआई ने लखनऊ में 15 माह बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीबीआई के हाथ में केस हैंडओवर होने से तत्कालीन इंस्पेक्टर और आईपीएस सहित 10 पुलिस कर्मियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। यह भी माना जा रहा है कि सीबीआई की टीम जल्द ही कानपुर आकर अपहरण और हत्याकांड की गहनता से जांच करेगी।

संजीत हत्याकांड

बर्रा निवासी संजीत यादव के अपहरण और हत्याकांड को लेकर परिजन बराबर सीबीआई जांच की मांग करते रहे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका और मामले का कानपुर पुलिस ने ही खुलासा किया था। खुलासे के तहत आरोपियों को जेल भेजा गया था, लेकिन परिजन पुलिस की कार्यवाही से संतुष्ट नहीं थे। परिजनों की मांग रही कि संजीत का शव खोजा जाए और घटना की वैज्ञानिक ढंग से जांच हो। करीब 16 माह बाद शासन की संस्तुति पर अब सीबीआई ने लखनऊ में मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब की जांच सीबीआई करेगी।

जल्द आ सकती है सीबीआई की टीम

मामला सीबीआई के हाथ पहुंचने पर संभावना जताई जा रही है कि अब जल्द ही सीबीआई की टीम कानपुर पहुंचेगी और घटना की बिन्दुवार जांच करेगी। टीम वैज्ञानिक ढंग से साक्ष्य को एकत्र करेगी और उन सभी जगहों पर जाएगी जहां पर पुलिस ने अपहरण और हत्या तक चिन्हित किया है। इसके साथ ही आरोपियों को भी रिमांड पर लेकर साक्ष्य एकत्र करने के लिए पूछताछ करेगी।

पुलिस की बढ़ सकती है मुश्किलें

संजीत अपहरण व हत्याकांड को लेकर शुरु से ही पुलिस का लचर रवैया रहा और पुलिस की परत दर परत खामियां सामने आईं। इसी के चलते शासन ने इंस्पेक्टर रणजीत राय सहित पुलिस अधीक्षक दक्षिण अपर्णा गुप्ता समेत 10 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया था। इन सभी की लापरवाही सामने आई थी और पुलिस ने आज तक शव भी नहीं खोज सकी। इससे संभावना है कि घटना में निलंबित हुए सभी पुलिस कर्मियों की मुश्किलें सीबीआई टीम के सामने बढ़ सकती हैं।

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