कोरोना पीड़ित परिवारों को 4 लाख रुपये मुआवजा देने पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजे देने की मांग करने वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। सर्वोच्च न्यायालय दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई की सुनवाई कर रहा है। इसमें केंद्र और राज्यों को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत कोरोनोवायरस पीड़ितों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा दें और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए एक समान नीति बनाएं।

इन याचिकाओं की सुनवाई करने वाली जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एम आर शाह की बेंच ने केंद्र सरकार से कोविड-19 से मृत्यु होने पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने संबंधी आईसीएमआर दिशा-निर्देश को भी दिखाने के लिए भी कहा है। अदालत ने यह भी कहा है कि अगर डेथ सर्टिफिकेट्स जारी करने की एक समान नीति नहीं होगी, पीड़ितों के परिजनों, अगर कोई योजना आती है तो, को उसके तहत दावे करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। पिछले दिनों कुछ राज्यों में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में आनाकानी करने की शिकायतें भी आई हैं।

सर्वोच्च न्यायालय अब इस मामले की 11 जून को सुनवाई करेगा। अदालत ने केंद्र सरकार से तब तक अपना जवाब देने के लिए कहा है।

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा तीन लाख का आंकड़ा पार कर गया है, जो अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरी सबसे बड़ी संख्या है। इतना ही नहीं, जब कोरोना संक्रमण के मामले घट रहे हैं, तब इससे होने वाली मौतों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में जहां संक्रमण के लगभग 2.2 लाख मामले सामने आए, जबकि 4,454 लोगों की मौत हो गई। इससे देश में मृतकों की संख्या 3.03 लाख से ज्यादा हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, देश में कोविड-19 के सक्रिय मामलों की संख्या 27 लाख 20 हजार है।

इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने 24 घंटे में कोविड-19 के 3,981 नए मामले सामने आने की जानकारी दी है। इसके मुताबिक, बीते 24 घंटे में लगभग 12 हजार लोग स्वस्थ हुए हैं, जबकि सक्रिय मरीजों की संख्या 76,703 है। सरकार ने रिकवरी रेट 94.3% पहुंचने का दावा किया है।

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