कोरोना: लखनऊ में धारा 144 लागू, यूपी में संक्रमण के आए करीब 4 हजार नए मामले

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सख्ती बढ़ा दी गई है। पंचायत चुनाव और त्यौहारों के देखते हुए लखनऊ के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर पीयूष मोरडिया ने धारा 144 लगाई। किसी भी बन्द हाल में एक समय पर, हाल की क्षमता के 50 फीसदी या 200 से ज्यादा लोग नहीं जमा हो पाएंगे। खुले मैदान में भी क्षमता के 50 फीसदी लोग ही जमा हो पाएंगे। सबको मास्क लगाना अनिवार्य होगा।

उत्तर प्रदेश अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने सोमवार को बताया कि पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 3,999 नए मामले सामने आए हैं। इस समय प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या 22,820 हैं। अब तक संक्रमण से 8,894 लोगों की मृत्यु हुई है। कल प्रदेश में 1,61,270 सैंपल की जांच की गई है।

यूपी में कोरोना संक्रमण से 13 और लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 से 13 और लोगों की मौत हो गई। इस अवधि में संक्रमण के 3,999 नए मामले सामने आने से राज्य में महामारी के कुल मामलों की संख्या 6,34,033 हो गई। अपर मुख्‍य सचिव (स्‍वास्‍थ्‍य) अमित मोहन प्रसाद ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि राज्य में संक्रमण के 3,999 नए मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि राज्‍य में इस समय उपचाराधीन मामलों की संख्या 22,820 है जिनमें से 12,338 पृथक-वास में हैं और 512 मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

प्रसाद ने बताया कि राज्य में कोविड-19 से 13 और लोगों की मौत होने से महामारी से अब तक जान गंवाने वालों की संख्या 8,894 हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 6,02,319 लोग बीमारी से उबर चुके हैं। अधिकारी के मुताबिक राज्य में रविवार को 1.61 लाख से अधिक नमूनों का परीक्षण किया गया और अब तक 3.61 करोड़ से अधिक नमूनों की जांच की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्‍य में कोविड रोधी टीके की अब तक 67,61,377 खुराक दी जा चुकी हैं।

सूत्रों के द्वारा पता चला है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड और वैक्सीन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

प्रदेश में कंटेनमेंट जोन बनाने को लेकर लिया गया बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश में बढ़ते कोरोना को लेकर बीते रविवार को योगी सरकार ने प्रदेश में कंटेनमेंट जोन का दायरा नए सिरे से तय कर दिया है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यूपी में कोरोना को लेकर जारी की घई नई गाइडलाइन के मुताबिक, एक केस होने पर 25 मीटर और एक से अधिक होने पर 50 मीटर को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा। 25 मीटर के दायरे में 20 घर और 50 मीटर के दायरे में 60 घर होंगे। इसमें क्षेत्र के हिसाब से बदलाव हो सकता है। हालांकि, अभी यूपी में लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है।

मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अंतिम पॉजिटिव केस के सैंपल कलेक्शन की तिथि से 14 दिन तक संबंधित क्षेत्र कंटेनमेंट जोन बना रहेगा। यदि अंतिम पॉजिटिव केस को सैंपल कलेक्शन की तिथि 14 दिनों तक कोई अन्य केस उस क्षेत्र में नहीं पाया जाता है तो ऐसे क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन की सूची से बाहर कर दिया जाएगा। जिला सर्विलांस अधिकारी रोजाना कोविड-19 केस की जानकारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी को देगा।

कंटेनमेंट जोन के सर्वेक्षण के लिए आवासों की संख्या और टीम का निर्धारण किया जाएगा। कंटनमेंट जोन में स्थित घरों के लिए एक टीम लगाई जाएगी। एक क्षेत्र में एक से अधिक कोविड-19 पॉजिटिव केस होने पर कलस्टर मानते हुए इसके मध्य बिंदु को एपीसेंटर चिह्नित करते हुए 50 मीटर के दायरे को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा। प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में स्थित घरों को आच्छादित करने के लिए एक टीम लगाई जाएगी। प्रत्येक टीम अपने क्षेत्र के घरों का भ्रमण कर अपने कार्यों की रिपोर्ट निर्धारित प्रपत्र पर भरेगी। हर टीम में स्वास्थ्य कर्मी, निकाय कर्मी या ग्राम विकास पंचायती राज कर्मी और स्थानीय प्रशासन का एक-एक सदस्य होगा।

Related Articles

Back to top button
E-Paper