किसान आंदोलन : सिंघु बॉर्डर पर हिंसक झड़प में दो थानों के प्रभारी समेत 12 लोग घायल

सिंघु बॉर्डर

कृषि सुधार कानूनों के विरोध में सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों और स्थानीय लोगों के बीच शुक्रवार दोपहर को हुई झड़प में दो थानों के प्रभारी समेत कम से कम 12 लोग घायल हो गए। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

आंदलनरत किसानों की ओर से स्थानीय लोगों पर हमला करने के लिए एक युवक तलवार लेकर दौड़ा, जिसे अलीपुर थाना प्रभारी ने पकड़ने की कोशिश की। युवक ने पलटकर थाना प्रभारी पर तलवार से हमला कर दिया। तलवार उनके हाथ और अंगूठे पर लगा, जिससे वह घायल हो गये। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने हमलावर को दबोच कर उसकी पिटाई कर दी और उसको पकड़ लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उधर दोनों थाना प्रभारी समेत सभी घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान कुछ उपद्रवियों के लाल किले पर धार्मिक झंडा लगाए जाने के विरोध में लोग आक्रोशित हैं और लोग राष्ट्रध्वज तिरंगा के सम्मान में यात्रा निकाल रहे हैं। दोपहर सिंघु बॉर्डर के आसपास रहने वाले 50 से ज्यादा लोग तिरंगा सम्मान यात्रा निकालकर सिंघु बॉर्डर पहुंचे।

नारेबाजी के दौरान हुआ पथराव

लोगों ने सिंघु बॉर्डर पुहंचकर किसानों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी दौरान किसी ने किसानों की टेंट की तरफ पथराव किया। जवाब में किसानों की ओर से भी पथराव किया गया। देखते ही देखते दोनों तरफ से पथराव होने लगे। पुलिस ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। इस दौरान नरेला के थाना प्रभारी विनय कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों सहित दोनों पक्षों से कम से कम 12 लोग घायल हो गये। सभी घायलों को निकट के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

भीड़ को काबू करने के लिए छोड़े आंसू गैस

इधर भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने चार-पांच आंसू गैस के गोले छोड़कर उपद्रव कर रही भीड़ को नियंत्रित किया और फिर बैरिकेड कर दोनों पक्षों को अलग किया। इसी बीच किसानों की ओर से एक युवक तलवार लेकर तिरंगा सम्मान यात्रा निकाल रहे लोगों की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसे देखकर अलीपुर थाना प्रभारी प्रदीप पालीवाल ने उसे पीछे से पकड़ने की कोशिश की, लेकिन युवक ने पलटकर प्रदीप पालीवाल पर तलवार से हमला कर दिया। तलवार उनके हाथ और अंगूठे पर लगा। वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने युवक की पिटाई करने के बाद उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। सिंघु बॉर्डर पर हालात नियंत्रण में हैं।

पुलिस ने ही अंदर आने दिया लोगों को

पुलिस सूत्रों की मानें तो सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने धरनास्थल से दिल्ली की सीमा में करीब तीन किलोमीटर तक के दायरे में पांच लेयर का सुरक्षा घेरा बनाया था और वहां किसी को आने-जाने नहीं दिया जा रहा था। ऐसे में हैरान करने वाली बात यह है कि यह लोग अंदर कैसे चले गये? वहीं उक्त घटना में पुलिस की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। इससे संबंधित वायरल हो रहे कुछ वीडियो में देख सकते हैं कि पुलिस के सामने एक व्यक्ति पोल पर चढ़कर किसानों का झंडा उतार नीचे फेंक रहा है और उसकी जगह तिरंगा झंडा लगा रहा है। यह बस पुलिस देखती रही पर किसी ने उसे नीचे नहीं उतारा।

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