अंतरिम जमानत का इंतजार कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता स्टेन स्वामी का निधन

मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत का इंतजा कर रहे 84 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता स्टेन स्वामी का सोमवार को दोपहर में निधन हो गया. उनका मुंबई के होली फैमिली अस्पताल में इलाज चल रहा था। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. इयान डिसूजा और स्टेन स्वामी के वकील मिहिर देसाई ने बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।

जस्टिस एस.एस. शिंदे और जस्टिस एन. जे. जामदार ने स्टेन स्वामी की निधन पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि उनके पास शब्द नहीं हैं और उम्मीद है कि उनकी आत्मा को शांति मिलेगी। उनके वकील मिहिर देसाई ने कहा कि उन्हें हाईकोर्ट और उनका इलाज करने वाले निजी अस्पताल से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन ऐसा ही जेल प्रशासन और एनआईए के लिए नहीं कहेंगे, जो एलगार परिषद-माओइस्ट संबंध मामले की जांच कर रही है।

गौरतलब है कि एनआईए ने जनवरी 2018 में भीमा कोरेगांव में हिंसा के मामले में स्टेन स्वामी को गिरफ्तार किया था। शायद यह पहला मामला है, जहां 84 साल के व्यक्ति पर आतंकवादी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

स्टेन स्वामी की जन्म 24 अप्रैल 1937 को तमिलनाडु के त्रिची पल्ली में हुआ था. उनके पिता साधारण किसान थे और मां गृहणी थी। स्टेन ने उच्च शिक्षा गृहण की थी। समाजशास्त्र एमए करने के बाद वे बेंगलुरु के इंडियन सोशल इंस्टीट्यूट में काम करने लगे. यहां कुछ समय काम करने के बाद वे झारखंड चले गए और शोषितों, वंचितों की सेवा करने लगे थे।

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