कोरोना काल में बिखरते परिवारों को जोड़ रहा यूपी का राज्य महिला आयोग

कोरोना महामारी के बीच उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग को विभिन्न जिलों से दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और दुराचार जैसी शिकायतें मिल रही हैं। कोरोना काल में ही पारिवारिक कलह से टूटते परिवारों के मामले भी काफी संख्या में आए हैं। राज्य महिला आयोग के सदस्य ऐसे मामलों निपटाने में पूरी संजीदगी से टूटते रिश्तों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। राज्य महिला आयोग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पीड़ित महिलाओं की शिकायतों के समाधान के लिए ऑनलाइन सेवा की शुरुआत की गई है।

कोरोना काल में 15 मार्च से 17 मई तक राज्य महिला आयोग ने यूपी के विभिन्न जनपदों से आई 6,258 शिकायतों पर सुनवाई की। इनमें से 3,204 महिलाओं को न्याय दिलाया गया है, जबकि 3,054 शिकायतों को जल्द निस्तारित करने के प्रयास जारी हैं। इसके अलावा लखनऊ और अन्य जिलों से सदस्यों के मोबाइल पर आने वाली शिकायतों का रोजाना संज्ञान लिया जा रहा है। जिन जिलों से शिकायतें आयोग की सदस्यों के पास आ रही हैं, वहां के संबंधित अधिकारियों से बात कर मामलों का निस्तारित कराया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल बताती हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर कोरोना काल में यूपी में पीड़ित महिलाओं को न्याय मिल रहा है। आयोग की सभी 25 सदस्य इस काम में दिन-रात जुटीं हैं। पीड़ित महिलाओं को मिल रहे न्याय के कारण उनपर होने वाले अपराधों की संख्या काफी घटी है। महिला आयोग की अध्यक्ष और सदस्य जमीनी स्तर पर ठोस कार्ययोजना बनाकर महिलाओं को सशक्त बनाने में जुटी हैं।

उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में महिला आयोग की ओर से व्हाट्सएप नम्बर 6306511708 जारी किया गया है। उत्पीड़न की शिकार महिलाएं इसपर अपनी शिकायतें भेज रहीं है। अध्यक्ष और सदस्य अपने निजी ई-मेल पर भी शिकायत पत्र मंगा रहे हैं। जिससे पीड़ित महिलाओं की सुनवाई और शिकायतों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जा सके।

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