प्रथम सैनिक स्कूल के संस्थापक डा सम्पूर्णान्द की मूर्ति का हुआ अनावरण

प्रथम सैनिक स्कूल के संस्थापक डा सम्पूर्णान्द की मूर्ति का हुआ अनावरण

लखनऊ। राजकीय समारोह में राष्ट्रपति ने विद्वान साहित्यकार, महान शिक्षा विद, उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री व राजस्थान के पूर्व राज्यपाल, देश के प्रथम सैनिक स्कूल के संस्थापक डा सम्पूर्णान्द की मूर्ति का अनावरण एवं डा सम्पूर्णानन्द प्रेक्षागृह का लोकार्पण में सीतापुर से तीन बार विधायक एवं पूर्व काबीना मंत्री रहे। स्व टम्बरेश्वर प्रसाद (बच्चा साहब) की पुत्र वधू एवं डा सम्पूर्णानन्द की पौत्री श्रीमती मेधा प्रसाद सपरिवार राज्य सरकार के उपरोक्त समारोह में पति धर्मेश्वर प्रसाद पुत्र अवि प्रसाद, आईएएस तथा पुत्रवधू श्रीमती मीशा आईएएस, पुत्री कनिष्का, दामाद विशाल सहित सरकार द्वारा निमंत्रित एवं सम्मिलित हुए।

जो सीतापुर के लिए बडे गौरव का विषय रहा। विदित हो कि डा सम्पूर्णानन्द के पूर्व मंत्री स्व टम्बरेश्वर प्रसाद (बच्चा साहब) से जनसंघ के बड़े नेता होने के बावजूद गहरे पारिवारिक समबन्ध बहुत पहले से रहे थे, डा सम्पूर्णानन्द, मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने उनके पुत्र रामेश्वर प्रसाद (गप्पू भैया) का पाटी संस्कार खैराबाद, सीतापुर आकर स्वयं अपने कर कमलों से कराया और आशीर्वाद दिया।

चुनाव काल स्व टम्बरेश्वर प्रसाद (बच्चा साहब) जनसंघ प्रत्याशी की बहन की शादी में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद शामिल हुए राजस्थान के राज्यपाल बनाऐ जाने पर स्व टम्बरेश्वर प्रसाद (बच्चा साहब) की लखनऊ स्थित कोठी पर अपने विदाई समारोह में सम्मिलित हुए जिसमें तत्कालीन सत्ताधारी कांग्रेस मंत्री व नेता, विरोधी दल भारतीय जनसंघ सहित प्रमुख विपक्षी दलों के नेता गण, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके अनुसांगिक सगठनों के वरिष्ठ महानुभाव गण सम्मलित हुए। बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार गण, लेखक, समाजसेवी जन भी शामिल हुए थे। डा सम्पूर्णानन्द मनीषी, विद्वान, शिक्षाविद, साहित्यकार एवं राजनीति में अजातशत्रु रहे। प्रत्येक दल में उनका आदर था एवं अनगिनत प्रशंसक सदैव रहे, राज्य सरकार के इस निर्णय की सब जगह स्वागत एवं प्रशंसा हो रही है।

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