रिपोर्ट में दावा- चीन की वुहान लैब से ही निकला है कोरोना वायरस, चमगादड़ से फैलने के कोई सबूत नहीं

कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। लाखों लोगों की जान ले चुका कोरोना वायरस चीन की वुहान लैब से आया था। ये दावा एक रिपोर्ट में किया गया है। ब्रिटिश अखबार डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक शोधकर्ताओं ने अपने 22 पन्‍ने के शोध में वुहान लैब में वर्ष 2002 से 2019 के बीच हुए प्रयोगों के फॉरेंसिक विश्‍लेषण के आधार यह निष्‍कर्ष निकाला है।

ब्रिटिश प्रोफेसर एंगस डल्गलिश और नॉवे के वैज्ञानिक डॉ बिर्गर सोरेनसेन ने साथ मिलकर यह स्टडी की है। इसके मुताबिक, ये वायरस वास्तव में चीन के वुहान लैब से ही रिसर्च के दौरान लीक हुआ। जब यह गलती हो गई तो रिवर्स इंजीनियरिंग वर्जन के जरिए इसे छिपाने की कोशिश की गई। चीनी वैज्ञानिक दुनिया को यह दिखाना चाहते थे कि यह वायरस लैब नहीं, बल्कि कुदरती तौर पर चमगादड़ों से फैला।

जब ये दोनों वैक्सीन बनाने के लिए कोरोना के सैंपल्स का अध्ययन कर रहे थे दौरान उन्हें वायरस में एक यूनिक फिंगरप्रिंट मिला था। इस स्टडी में दावा किया गया है कि चीन ने वुहान लैब में जानबूझकर प्रयोग से जुड़े डेटा को नष्ट किया गया, छिपाया गया और छेड़छाड़ किया गया।

वहीं अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने शनिवार को कहा कि वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी अपनी सिविलियन रिसर्च के साथ-साथ सैन्य गतिविधियों में भी शामिल था। उन्होंने कहा “मैं जो निश्चित रूप से कह सकता हूं वो ये है कि हम जानते हैं कि उस लैब के अंदर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से संबंधित काम हो रहे थे।” उन्होंने दावा किया कि लैब में नागरिक शोध के नाम पर सैन्य गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।

Related Articles

Back to top button
E-Paper