यूपी में ऑक्सीजन की कमी पूरा करेंगी चीनी मिलें, लगाएंगी हर जिले में यूनिट

उत्तर प्रदेश में कोरोना संकट के दौर में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए चीनी मिलें आगे आई हैं। प्रदेश सरकार ने बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के जरिए इनकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। अब प्रदेश का आबकारी और चीनी उद्योग व गन्ना विकास विभाग कोरोना मरीजों को बचाने के लिए ऑक्सीजन जेनरेटर्स लगाने जा रहा है।

इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 75 जिलों के जिलाधिकारियों ने 79 अस्पतालों का चयन किया है। इसमें ज्यादातर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र से लगे हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इनमें से 15 जगहों पर ऑक्सीजन पाइपलाइन और जनरेटर की व्यवस्था उपलब्ध है और 16 स्थलों पर आंशिक व्यवस्था उपलब्ध है। ऐसे में आबकारी और चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग प्रदेश में कुल साढ़े 3200 बेड्स पर ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहा हैं।

इन दोनों विभागों की तरफ से अब तक ऑक्सीजन जेनरेटर निर्माताओं को कुल 54 ऑक्सीजन जेनरेटर खरीदने के आदेश दिए गए हैं। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक, ऑक्सीजन जेनरेटर्स लगाने के लिए आबकारी विभाग ने 30, जबकि गन्ना विभाग ने 45 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व जिला अस्पतालों का चयन किया है।

प्रदेश सरकार की तरफ से इन ऑक्सीजन जेनरेटर्स को एयरलिफ्ट कराने की भी तैयारी चल रही है। इसके लिए साई नॉन कन्वेंशनल एनर्जी, गैसटेक इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और मेडवांते इंडिया एलएलपी द्वारा मशीनों को एयरलिफ्ट कराने का अनुरोध किया गया है। इसके लिए ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट के सप्लायर्स से लिस्टिंग शेड्यूल मांगा गया है।

गौरतलब है कि इन ऑक्सीजन जेनरेटर्स को प्रयोग में लाये जाने के लिए चयनित अस्पतालों में डब्लूएचओ के मानकों के अनुरूप ऑक्सीजन पाइपलाइन और न्यूनतम लगभग 42 किलोवाट क्षमता के जनरेटर और विद्युत स्वीकृत लोड की आवश्यकता होगी। इसके लिए संबंधित जिलाधिकारियों को विभाग की तरफ से सूचना उपलब्ध करा दी गई है। प्रवक्ता ने बताया कि बरेली, गोरखपुर और सीतापुर, शामली, कुशीनगर, अमरोहा में दो-दो अस्पतालों का चयन किया गया है, जहां ऑक्सीजन जेनरेटर्स की स्थापना की जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, पीएम केयर्स के तहत लग रहे ऑक्सीजन प्लांट लखनऊ, जौनपुर, फिरोजाबाद, सिद्धार्थनगर आदि जिलों में जल्द ही चालू हो जाएंगे। सहारनपुर में ऑक्सीजन प्लांट चालू हो चुका है। उन्होंने कहा कि सीएसआर की मदद और राज्य सरकार द्वारा प्लांट्स लगाने का काम तेज किया जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऑक्सीजन की मांग, आपूर्ति और खर्च में संतुलन बनाने के लिए कराए जा रहे ऑक्सीजन ऑडिट के अच्छे परिणाम मिले हैं। उत्तर प्रदेश में अपनाई गई ऑनलाइन ऑक्सीजन ट्रैकिंग प्रणाली को नीति आयोग ने सराहा है। ज्यादातर रिफिलर और मेडिकल कॉलेजों में अब 48-72 घंटे तक का ऑक्सीजन बैकअप हो गया है।

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