T20 World Cup : भारत के पास बचा है सिर्फ़ एक मौका, भाग्य भरोसे है अब फाइनल में खेलने की राह

दुबई। भारत के ख़िलाफ़ एक दमदार जीत ने न्यूज़ीलैंड को ग्रुप 2 से सेमीफ़ाइनल में जगह बनाने वाली दूसरी टीम बनने के लिए बेहतर स्थिति में ला खड़ा किया है। उनके आने वाले मैचों को ध्यान में रखते हुए, पाकिस्तान के शीर्ष स्थान पर बने रहने की संभावना है। न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ हार के अंतर का मतलब यह भी है कि भारत के नेट रन रेट में गिरावट आई है जिसके चलते अब सेमीफ़ाइनल का उनका रास्ता अन्य टीमों के परिणाम पर निर्भर हैं। दूसरे सेमीफ़ाइनल स्थान के लिए दावेदारी पेश कर रही तीन टीमों अफ़ग़ानिस्तान, न्यूज़ीलैंड और भारत के समीकरण पर एक नजर

भारत

न्यूज़ीलैंड: 14.3 ओवरों में भारत द्वारा दिए गए लक्ष्य का पीछा करने के बाद न्यूज़ीलैंड का नेट रन रेट बढ़कर 0.765 पर जा पहुंचा है। अगर वह बचे हुए अपने सभी मैचों में जीत दर्ज करता है तो वह सेमीफ़ाइनल में प्रवेश करेगा। अपने आख़िरी तीन मैचों में उनका सबसे मुश्किल मैच अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ होगा जहां हार उनके लिए मुश्किलें बढ़ाएगी। और तो और आने वाले तीनों मैचों का कार्यक्रम भी आसान नहीं होने वाला है – उन्हें एक-एक दिन के अंतराल के साथ तीन अलग-अलग मैदान पर दिन के मुक़ाबले खेलने है – 3 नवंबर को स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ दुबई में, 5 नवंबर को नामीबिया के ख़िलाफ़ शारजाह में और 7 नवंबर को अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ अबू धाबी में।

अफ़ग़ानिस्तान:अफ़ग़ानिस्तान ने नामीबिया और स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ बढ़िया प्रदर्शन करते हुए अपने मैचों का भरपूर लाभ उठाया। यही वजह है कि उनका नेट रन रेट 3.097 पर जा पहुंचा है। उनके शेष दो मैच भारत और न्यूज़ीलैंड के रूप में दो बड़ी टीमों के ख़िलाफ़ हैं। अगर वे दोनों मुक़ाबले जीत जाते हैं, तो वे क्वालीफ़ाई कर लेंगे। अगर वे भारत से हार जाते हैं और न्यूज़ीलैंड को हरा देते हैं, तो बात रन रेट पर आ जाएगी। उन्हें अपने शेड्यूल का भी फ़ायदा हो सकता है – उन्होंने अबू धाबी में नामीबिया को हराया, और उनके आख़िरी दो मैच इसी मैदान पर खेले जाएंगे।

Patna Serial Blast : पीएम नरेन्द्र मोदी की रैली में बम ब्लास्ट करने वाले 3 दोषियों को फांसी, 2 को हुई उम्रकैद

भारत: भारत के पास न्यूज़ीलैंड के खिलाफ बड़ी हार के बावजूद अब एक ही मौक़ा बचा हुआ है जहां उसे अपने शेष तीनों मैच में जीत हासिल करनी होगी। साथ ही साथ उसे उम्मीद करनी होगी कि अफ़ग़ानिस्तान और न्यूज़ीलैंड कम से कम एक मैच हार जाए। अगर ऐसा होता है तो बात नेट रन रेट पर आ जाएगी लेकिन उस मामले में भी भारत इस समय काफ़ी पीछे है।

Related Articles

Back to top button
E-Paper