अदालत ने ट्विटर से मांगा जवाब, पूछा- कब तक नियुक्त होगा शिकायत निवारण अधिकारी

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को ट्विटर से नए आईटी नियमों के तहत शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करने पर जवाब मांगा है। अदालत ने ट्विटर से आठ जुलाई तक यह बताने को कहा है कि नए आईटी नियमों के अनुपालन करते हुए वह स्थानीय शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति कब तक कर देगा। ट्विटर ने उच्च न्यायालय को बताया कि स्थानीय शिकायत निवारण अधिकारी को नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है।

जस्टिस रेखा पल्ली ने इस बात पर नाराजगी जताई कि अदालत को यह नहीं बताया गया था, इससे पहले स्थानीय शिकायत निवारण अधिकारी (आरजीओ) की नियुक्ति केवल अंतरिम आधार पर की गई थी, जो कि इस्तीफा दे चुके हैं।

जस्टिस रेखा पल्ली ने कहा, ‘यदि उन्होंने 21 जून को इस्तीफा दे दिया तो ट्विटर कम से कम इतना तो कर ही सकता था कि इन 15 दिन में किसी अन्य अधिकारी को नियुक्त कर देता, जबकि उसे पता था कि इस मामले में छह जुलाई को सुनवाई होनी है। आपको इस प्रक्रिया में कितना वक्त लगेगा? अगर ट्विटर को ऐसा लगता है कि मेरे देश में वह जितना चाहे उतना समय ले सकता है तो मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगी।’

ट्विटर की पैरवी कर रही वरिष्ठ अधिवक्ता सजन पूव्या ने कहा कि ट्विटर में अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन यह भी सच है कि अभी कोई मुख्य शिकायत निवारण अधिकारी, आरजीओ और नोडल संपर्क अधिकारी नहीं है। उन्होंने अतिरिक्त समय देने की मांग की।

इस मामले में केंद्र के पैरवीकार अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा ने कहा कि नियम को 25 फरवरी को अधिसूचित कर दिया गया था, और मध्यवर्ती संस्थाओं को इनका पालन करने के लिए तीन महीने का वक्त दिया गया था, यह समयसीमा 25 मई को समाप्त हो गई। उन्होंने कहा, ‘व्यवसाय करने के लिए भारत में उनका स्वागत है लेकिन यह रवैया देश की डिजिटल संप्रभुता के लिए अहितकर है।’

इस पर जस्टिस रेखा पल्ली ने कहा, ‘मैंने पहले ही उन्हें बता दिया है कि उन्हें नियमों का पालन करना होगा। मैं उन्हें कोई संरक्षण नहीं दे रही। अगर वे अनुपालन नहीं करते तो आप कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हैं। मैं पहले ही स्पष्ट कर चुकी हूं कि अगर वे काम करना चाहते हैं तो उन्हें नियमों का पालन करना होगा।’

सुनवाई के दौरान अदालत ने कुछ देर के लिए कार्यवाही रोक दी और ट्विटर के वकील से इस बारे में निर्देश लेने को कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने में कितना समय लगेगा? हालांकि, भारत और सैन फ्रांसिस्को (जहां ट्विटर इंक का दफ्तर है) के समय में अंतर होने की वजह से वे निर्देश नहीं ले पाए। इसके बाद अदालत ने उन्हें आठ जुलाई तक का समय दे दिया।

Related Articles

Back to top button
E-Paper