सर्वेक्षण में सामने आई चिंताग्रस्त तस्वीर, पिता—पुत्र की 6—6 महीने तक नहीं होती बात

हिसार। परिवार और समाज के लिए एक चिंताग्रस्त तस्वीर सामने आई हैे। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा में ​इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. महेन्द्र सिंह द्वारा करवाए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार मौजूदा समय में परिवारों के बीच संवादहीनता बढ़ती जा रही है।

प्रो. महेन्द्र सिंह ने वानप्रस्थ सीनियर सिटीजन क्लब की ओर से मंगलवार को आयोजित वेब गोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए सर्वेक्षण के आंकड़े पेश किए।

प्रो. महेन्द्र सिंह ने के मुताबिक़ आज 42 प्रतिशत विद्यार्थियों की 6—6 माह तक अपने पिता से बात नहीं होती, 47 प्रतिशत कभी—कभार बात करते हैं। केवल 11 प्रतिशत बच्चे ऐसे हैं, जो सुख—दुख में पिता से बात करते हैं। परिवारों में बढ़ती संवादहीनता के बारे अपने एक सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि

प्रो. महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में अभी तक ऐसा कोई सांस्कृतिक केंद्र भी नहीं बना, जो प्रदेश के लोकसंगीत और संस्कृति को संभाल कर उसका विकास करे। युवाओं को इस धरोहर की तरफ मोड़ सके।उन्होंने कहा कि हरियाणा के समाज के लिए यह संकट की घड़ी है, जिस पर सभी का ध्यान जाना चाहिए।

गोष्ठी में दूरदर्शन के पूर्व समाचार निदेशक अजीत सिंह ने भी अपने विचार रखे। गोष्ठी का संचालन करते हुए डी.पी. ढुल ने कहा कि पुराने ज़माने में खाप सामाजिक समरसता बनाती थी, पर आजकल वे भी सामयिक मुद्दों की बजाय रूढ़िवादी मुद्दे उठा लेती हैं जिन्हें बाहर के प्रदेशों में हरियाणा के सामाजिक पिछड़ेपन की निशानी समझा जाता है।

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