मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की बैठक में भाजपा नेता क्यों बुलाए गए थे : ममता बनर्जी

यास चक्रवात के बाद हालात की समीक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में शामिल न होने के सवालों पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज चुप्पी तोड़ी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘पीएमओ एकतरफा सूचना प्रसारित करके मेरा अपमान करने की कोशिश कर रहा है। बैठक की खाली चेयरों की तस्वीरें ट्वीट की जा रही हैं। प्रधानमंत्री काफी पहले ही कलाईकुंडा पहुंच गए थे। उनका मान रखने के लिए मैं दीघा में अपनी पूर्व नियोजित कार्यसूची होने के बावजूद वहां गई थी। मैंने उनसे मिलने के लिए बस एक मिनट का समय मांगा था लेकिन मुझे और मुख्य सचिव को 15 मिनट तक इंतजार कराया गया।’ चक्रवात ‘यास’ से हुए नुकसान की समीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से कलाईकुंडा एयरफोर्स बेस में बुलाई गई थी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री के साथ बैठक में राज्यपाल और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को बुलाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, ‘गुजरात में आए चक्रवात के बाद जो बैठक हुई थी, उसमें वहां के नेता प्रतिपक्ष को क्यों नहीं बुलाया गया था? दूसरे राज्यों में इस तरह की बैठकों में नेता प्रतिपक्ष को नहीं बुलाया जाता?’ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘मैं बुरा महसूस कर रही हूं। वे एकतरफा खबरें चलाकर मुझे अपमानित कर रहे हैं. जब मैं काम कर रही थी, तब वे लोग ये कर रहे थे। लोगों के लिए मैं आपके पैर पकड़ने के लिए तैयार हूं। इस राजनीतिक बदले की कार्रवाई को बंद कीजिए।’

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि भाजपा की अगुआई वाली केंद्र सरकार बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार बर्दाश्त नहीं कर पा रही है, इसलिए ऐसे कदम उठा रही है, शुक्रवार को सागर इलाके में हमें 15 मिनट तक रोका गया, हमारे हेलीकॉप्टर को उड़ने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि नेताजी जयंती पर विक्टोरिया मेमोरियल में आयोजित हुए समारोह से लेकर कोरोना पर बुलाई गई बैठक तक में केंद्र सरकार की ओर से हमारे साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल के मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय के दिल्ली तबादले को राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से उठाया गया कदम बताया है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। शनिवार को ममता बनर्जी ने कहा, ‘केंद्र सरकार न सिर्फ मुझे, बल्कि मेरे सचिवालय को भी परेशान करने की कोशिश कर रही है। उसकी मुझसे नाराजगी हो सकती है लेकिन मेरे अधिकारियों का इस तरह से अपमान न करें।’

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इन सवालों का पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा, ‘आज की प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के मौजूद होने की वजह से बैठक में हिस्सा नहीं लिया। वे अपने अहम की तुष्टि के लिए झूठ का सहारा ले रही हैं, जैसे कि वे सोचती हैं कि वे सिर्फ पश्चिम बंगाल की सीएम नहीं, बल्कि पूरे देश की सीएम हैं।’ सुवेंदु अधिकारी ने आगे कहा, ‘कल पश्चिम बंगाल में हवाई सर्वेक्षण के बाद ईस्ट मिदनापुर में बैठक थी, लेकिन सीएम ममता बनर्जी और प्रशासन ने प्रधानमंत्री को 30 मिनट तक इंतजार करवाया. यह संविधान की अखंडता का उल्लंघन था और शर्मनाक था।’

Related Articles

Back to top button
E-Paper