बिहार में टीकाकरण का तीसरा चरण एक मार्च से, 1600 केंद्रों पर लगेंगे टीके

पटना। बिहार में तीसरे चरण के लिए कोरोना वायरस (कोविड-19) टीकाकरण की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। इसके लिए 1600  केंद्र पूरे प्रदेश में बनायें गए हैं। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि तीसरे चरण के टीकाकरण अभियान धीरे-धीरे सर्वेक्षणों के आधार पर बढाये जायेंगे।

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टीका लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य

कार्यपालक निदेशक के अनुसार टीका लेने के लिए आधार कार्ड साथ में रखना जरुरी होगा। विशेष परिस्थिति में ही किसी अन्य पहचान पत्र की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य में सामान्य टीकाकरण अभियान के तहत 14 हजार प्रशिक्षित टीकाकर्मी उपलब्ध हैं। टीकाकरण केंद्रों पर मानव संसाधन की तैनाती आवश्यकता के अनुसार बढ़ायी जाएगी। टीकाकरण केंद्रों पर टीका के लिए आशा, आंगनबाड़ी केंद्रों की सहायिका एवं सेविका व अन्य संगठनों की भी सहायता ली जाएगी। ये ग्रामीण इलाकों में जाकर टीकाकरण केंद्रों व टीका की जानकारी देंगे।

एक मोबाइल नंबर से परिवार के चार सदस्य हो सकेंगे निबंधित

कुमार ने बताया कि एक मोबाइल नंबर से परिवार के चार सदस्य ऑनलाइन या ऑनसाइट निबंधित हो सकेंगे। निबंधन के लिए इच्छुक व्यक्ति के पास मोबाइल नंबर एवं सरकार द्वारा अनुमान्य पहचान पत्र होना अनिवार्य है। यदि ऑनलाइन निबंधन किया जाता है तो उनके मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसकी प्रविष्टि के बाद कोविन-2.0 पोर्टल पर सफलतापूर्वक पंजीकरण हो पाएगा।

एक केंद्र पर सौ व्यक्तियों का होगा टीकाकरण

एक टीकाकरण केंद्र पर एक सौ व्यक्तियों का एक दिन में टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण केंद्र पर तीन कमरे की सुविधा उपलब्ध होगी। पहले कमरे में टीका कराने वाले का पंजीकरण जांच व प्रतीक्षा करने की व्यवस्था होगी। दूसरे कमरें में टीका दिया जाएगा और तीसरे कमरे में आधा घंटा तक टीकाकृत व्यक्तियों की निगरानी की जाएगी।

-एक मार्च को 700 केंद्रों पर टीकाकरण शुरू, 16 से 31 मार्च तक 1200 टीकाकरण केंद्रों का, 01 से 15 अप्रैल तक 1500 केंद्रों का संचालन होगा। वहीं, 16 से 30 अप्रैल तक 1600 केंद्रों पर टीकाकरण कार्य किया जाएगा।

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