इसी महीने पड़ेगा साल का आखिरी चंद्रग्रहण, इस राशि वाले लोग रहें बेहद सावधान

साल 2020 के अंत में अब डेढ़ महीने से भी कम समय बचा है। ऐसे में इस साल अभी एक चंद्रग्रहण पड़ना बाकी है। वहीं साल के अंत में एक सूर्यग्रहण भी पड़ने वाला है। बता दें कि इस साल कुल छह ग्रहण लगने हैं, जिसमें 4 चंद्रग्रहण और 2 सूर्यग्रहण हैं। साल 2020 का आखिरी चंद्रग्रहण 30 नवंबर को पड़ने वाला है, वहीं इस साल का आखिरी सूर्यग्रहण 14 दिसंबर को लगेगा।

चंद्रग्रहण

बता दें कि 30 नवंबर को लगने वाला साल का यह अंतिम चंद्रग्रहण एशिया के कुछ देशों के साथ अमेरिका के कुछ हिस्सों के अलावा ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र में दिखाई देगा। इस चंद्र ग्रहण का भारत में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। साल का आखिरी चंद्रग्रहण 30 नवंबर को दोपहर 1:04 बजे से शुरू होगा। इस दौरान ग्रहण का मध्यकाल 30 नवंबर की दोपहर 3:13 बजे होगा। वहीं चंद्र ग्रहण के समाप्त होने का समय 30 नवंबर की शाम 5:22 बजे है।

सामान्य भाषा में चंद्र ग्रहण उस स्थित या घटना को कहते हैं जब चंद्रमा और सूर्य के बीच में पृथ्वी आ जाती है। इस स्थिति में पृथ्वी की पूरी या आंशिक छाया चंद्रमा पर पड़ती है। वैज्ञानिकों की मानें तो चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखा जा सकता है, लेकिन सूर्य ग्रहण को नहीं, क्योंकि नंगी आंखों से देखने पर नुकसान पहुंच सकता है।

ज्‍योतिषियों के मुताबिक, नवंबर माह में लगने वाला यह चंद्रग्रहण एक उपछाया चंद्र ग्रहण है। यह चंद्रग्रहण वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में लगेगा। उपछाया चंद्रग्रहण होने की वजह से इस चंद्रग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होगा।

क्‍या होता है उपछाया चंद्रग्रहण

चंद्रमा जब पृथ्वी की वास्तविक छाया में न आकर उसकी उपछाया से ही वापस लौट जाता है तो इस स्थिति में उपछाया चंद्र ग्रहण लगता है। इस स्थिति में चांद के आकार पर कोई असर नहीं पड़ता है। चांद पर सिर्फ एक धुंधली सी परत नजर आती है।

ज्‍योतिषियों के मुताबिक, चंद्रग्रहण का लोगों के जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष में चंद्र ग्रह को मन-मस्तिष्क, माता एवं द्रव्य पदार्थों का कारक माना जाता है। मान्यता के अनुसार, चंद्रमा को ग्रहण के समय अत्याधिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है, जिस कारण वह अशुभ फल देता है।

हालांकि उपछाया चंद्र ग्रहण बहुत अधिक प्रभावशाली नहीं होता है। फिर भी वृष राशि वाले कुछ सावधानी बरतें। मानसिक तनाव से बचने का प्रयास करें और वाणी की मधुरता बनाएं रखें, रिश्तेदार व मित्रों से संबंध न बिगाड़ें।

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