2021 का पहला गुरु पुष्य योग, धन वृद्धि के लिए करें यह अचूक उपाय

गुरु पुष्य योग

कासगंज: पंचांग 28 जनवरी 2021 के अनुसार गुरुवार को पौष मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि है। इसे पौष पूर्णिमा भी कहा जाता है। आज पुष्य नक्षत्र है और चंद्रमा कर्क राशि में गोचर कर रहा है। आज अभिजीत मुहूर्त है। राहु काल में शुभ कार्य न करें। ज्योतिष शास्त्र में गुरु पुष्य योग का विशेष महत्व है क्योंकि यह योग विशिष्ट और अत्यंत शुभ फल देने वाला माना गया है। 28 जनवरी यानी आज साल का पहला गुरु पुष्य योग बन रहा है हालांकि 1 जनवरी को भी कुछ समय के लिए यह योग बना था। यह ज्योतिष शास्त्र के श्रेष्ठतम और दुर्लभ योगों में से एक है। इस योग के संबंध में जानकारी दे रहे हैं।

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सोरों शूकर क्षेत्र के युवा ज्योतिषी पंडित गौरव दीक्षित इनके मुताबिक ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों के गुरु बृहस्पति को पुष्य नक्षत्र का अधिष्ठाता देवता माना गया है। गुरुवार और पुष्य नक्षत्र के संयोग से बनने वाला यह शुभ योग अपने साथ कई शुभ योगों को लेकर आया है। पौष पूर्णिमा के दिन बन रहा गुरु पुष्य योग धर्म और धन वृद्धि के लिए काफी शुभ है। गुरु पुष्य योग के साथ इस दिन सर्वार्थ सिद्धि नामक शुभ योग भी उपस्थित रहेगा। जिससे इस दिन का महत्व कई गुणा बढ़ गया है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस दुर्लभ संयोग पर आप धन वृद्धि के लिए कुछ उपाय करेंगे तो आपको सफलता मिलने की अधिक संभावना रहेगी।

पौष पूर्णिमा के दिन गुरुपुष्य के संयोग में लक्ष्मी नारायण की पूजा के साथ इस दिन महालक्ष्मी को कमल के फूल और सफेद मिठाई अर्पित करें। ‘ओम श्रीं ह्रीं दारिद्रय विनाशिन्ये धनधान्य समृद्धि देहि देहि नम:’ मंत्र को कमलगट्टे की माला के साथ 108 बार जप करें। इस शुभ योग में लक्ष्मी मंत्र जप करने से धन प्राप्ति का योग प्रबल होगा। घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं और मुख्य द्वार के आगे रंगोली भी बनाएं। इसके बाद घर में दक्षिणावर्ती शंख को स्थापित करें और उस पर लक्ष्मी मंत्र लिखें, ऐसा करना धनवृद्धिदायक माना गया है।

गुरु पुष्य योग पर भगवान शिव और उनके पुत्र गणेश की भी पूजा-आराधना करनी चाहिए और मंदिर जाकर साफ-सफाई करनी चाहिए। ऐसा करने से अशुभ ग्रह शांत होते हैं और शुभ फल देते हैं। साथ ही आपके कार्यों में आ रही रुकावट भी दूर होती है और मानसिक शांति मिलती है। इस दिन आप पीली वस्तुएं दान कर सकते हैं और सायंकाल के समय पीपल को भी जल दें। अगर आपकी कुंडली में गुरु दोष है तो ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान, ध्यान करें और भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा करें।

इसके बाद विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें और केसर और चने की दाल का दान करें। साथ ही माथे पर केसर का तिलक लगाएं। ध्यान रखें कि इस दिन किसी से न तो उधार लें और न ही दें। मान्यता है कि कुंडली में गुरु की स्थिति शुभ नहीं होने से आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गुरु पुष्य योग वाले दिन लाल गाय को गुड़ और मीठी रोटी खिलाएं। ऐसा करने से आपकी आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, इस शुभ दिन लक्ष्मी स्त्रोत और कनकधारा स्तोत्र का भी पाठ करना चाहिए।

यह पाठ कल्याणकारी माना गया है, इन स्त्रोत के मात्र पढ़ने और सुनने से धन-धान्य की कमी नहीं होती और आपके आसपास एक सकारात्मक ऊर्जा का चक्र बन जाता है। नियमित इनका पाठ करने से वैभव व ऐशवर्य की प्राप्ति होती है और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेमभाव बन रहता है। इनका पाठ करने से शत्रुओं से भी मुक्ति मिलती है।

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