लखनऊ मेट्रो में नहीं हो रही भीड़, मेट्रो रूट से जल्द हटेंगी सिटी बसें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसीएल) ने गत 07 सितम्बर से लखनऊ में मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू किया है, लेकिन उम्मीद के मुताबिक अभी भीड़ नहीं हो रही है। इसलिए जल्द ही लखनऊ आरटीओ की तरफ से मेट्रो रूट से सिटी बसें और ऑटो को हटाने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा।

संभागीय परिवहन अधिकारी रामफेर द्विवेदी ने गुरुवार को बताया कि राजधानी में मेट्रो रूट से सिटी बसों और ऑटो को हटाने का फैसला काफी दिनों से टल रहा है। जल्द ही प्रमुख सचिव नगर विकास की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में राजधानी के मेट्रो रूट से सिटी बसों और ऑटो को हटाने के विषय में निर्णय लिया जाएगा। बैठक में संभागीय परिवहन कार्यालय की तरफ से मेट्रो रूट से सिटी बसें और ऑटो, टेंपो को हटाने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मेट्रो के समानांतर रूट से हटाई जाने वाली सिटी बसें और ऑटो के लिए नए रूटों की तलाश की जा रही है। फिलहाल मेट्रो रूट से सिटी बसों को हटाने का अंतिम फैसला शासन स्तर से ही लिया जाएगा। मेट्रो रूट पर अभी तकरीबन 26 सिटी बसें और 1000 ऑटो सवारी ढो रहे हैं।

गौरतलब है कि राजधानी में अमौसी से मुंशी पुलिया का रूट मेट्रो के समानांतर सबसे बड़ा रूट है। अमौसी से चारबाग तक की दूरी के लिए मेट्रो ट्रेन का किराया 30 रुपये,सिटी बसों का 20 रुपये और ऑटो का 25 रुपये है। ऐसे में जो यात्री मेट्रो ट्रेन के बजाय सिटी बसों से अमौसी से चारबाग आते हैं उनकी 10 रुपये की बचत होती है।

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